रोहतक। पाइप्ड नेचुरल गैस यानी पीएनजी शहर के सेक्टरों के अलावा अब हेल्थ विश्वविद्यालय के हॉस्टल में भी पहुंचेगी। इसकी प्रक्रिया चल रही है और संस्थान की ओर से कनेक्शन की मंजूरी भी मिल गई है।
एलपीजी संकट के बीच लोगों का रुझान अब पीएनजी की ओर होने लगा है। पिछले एक माह में ही 800 नए उपभोक्ता सामने आए हैं। हालांकि, ज्यादातर उपभोक्ता सेक्टर 1,2,3,4,5,14,34,35 से हैं।
इसके अलावा मॉडल टाउन, विकास नगर, डीएलएफ कॉलोनी, प्रेम नगर, विशाल नगर आदि में भी पीएनजी लाइन दबाई गई है जिससे इन क्षेत्रों के लोगों को पीएनजी कनेक्शन लेना आसान होगा।
सिलिंडर के बजाय पाइप के रास्ते सीधे रसोई तक पहुंचने वाली यह गैस सुरक्षित मानी जाती है। इसी कारण लोगों का रुझान इसकी ओर बढ़ रहा है। शहर में 13000 उपभोक्ताओं के पास पीएनजी कनेक्शन हैं।
गैस एजेंसियों पर स्थिति सामान्य
द्रवित पेट्रोलियम गैस यानी एलपीजी के लिए एजेंसियों पर बुकिंग की स्थिति अब सामान्य होने लगी है। खाद्य एवं आपूर्ति विभाग के अनुसार वीरवार को जिले में 8036 सिलिंडरों का स्टॉक उपलब्ध रहा जबकि बुकिंग के अनुसार सिलिंडर मिल रहे हैं।
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जिले में पर्याप्त घरेलू एलपीजी होने से एजेंसियों पर उपभोक्ताओं की कतारें काफी छोटी हो गई हैं। पीएनजी कनेक्शन वाले उपभोक्ताओं को एलपीजी कनेक्शन सरेंडर करने का अभी कोई लिखित आदेश नहीं मिला है।
- अशोक कुमार, खाद्य एवं आपूर्ति अधिकारी सहायक।
स्वास्थ्य विज्ञान विश्वविद्यालय के हॉस्टल में पीएनजी कनेक्शन के लिए प्रक्रिया चल रही है। कनेक्शन को संस्थान की तरफ से मंजूरी मिल गई है। पीएनजी कनेक्शन हॉस्टल में आने से एलपीजी सिलिंडरों पर निर्भर नहीं रहना पड़ेगा।
- डॉ. हरनीत, छात्र हॉस्टल वार्डन, स्वास्थ्य विज्ञान विश्वविद्यालय