गुढ़ा गांव में किसान कर्मबीर के घर शोक जताने पहुंचे राज्यसभा सांसद दीपेंद्र हुड्डा, विधायक गीता ?
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झज्जर। सत्ता के अहंकार में भाजपा सरकार ने सारी मानवीय संवेदनाओं को ताक पर रख दिया है। पिछले 80 दिनों से चल रहे किसान आंदोलन में 200 से ज्यादा किसानों ने अपनी कुर्बानी दे दी है। लेकिन, मदद करना तो दूर इस सरकार के मुंह से सांत्वना के दो शब्द तक नहीं निकले। यह बात रविवार को राज्यसभा सांसद दीपेंद्र सिंह हुड्डा ने कही। वे रविवार को गुढ़ा गांव में शहीद किसान कर्मवीर के परिवार को सांत्वना देने पहुंचे थे। उन्होंने किसान आंदोलन में जान कुर्बान करने वाले किसानों के परिवारों को पर्याप्त आर्थिक मदद व परिवार के एक सदस्य को सरकारी नौकरी देने की मांग की। सांसद दीपेंद्र ने यह भी बताया कि नेता प्रतिपक्ष चौ. भूपेंद्र सिंह हुड्डा के निर्देश पर कांग्रेस विधायक दल द्वारा अपनी ओर से आंदोलन में जान गंवाने वाले हरियाणा के हर किसान के परिवार को 2 लाख रुपये की आर्थिक मदद दी जा रही है। कांग्रेस की सरकार बनने पर आंदोलन में शहीद हुए हर किसान के परिवार के एक सदस्य को पंजाब की तर्ज पर एक-एक सरकारी नौकरी देंगे।
भावुक हुए सांसद
सांसद रविवार को शहीद किसान बिजेंद्र के गांव छारा और स्वर्गीय कर्मबीर के गांव गुढ़ा पहुंचकर श्रद्धांजलि अर्पित की और परिवारजनों से मिलकर उन्हें सांत्वना दी। इस दौरान गांव गुढ़ा में देश को किसान और जवान देने वाले स्व. कर्मबीर के परिवार से मिलकर दीपेंद्र हुड्डा भावुक हो गए। दीपेंद्र हुड्डा ने शहीद किसान कर्मवीर के परिवार का इतिहास बताते हुए कहा कि ढांसा बॉर्डर पर किसान धरने में स्व. कर्मबीर ने किसानों के हक की लड़ाई लड़ते हुए अपनी जान कुर्बान की है। उनके साथ प्रमुख रूप से बेरी विधायक डॉ. रघुबीर कादयान, विधायक गीता भुक्कल, विधायक कुलदीप वत्स मौजूद रहे।
कृषि मंत्री के पद पर बने रहने का अधिकार नहीं
सांसद दीपेंद्र हुड्डा ने हरियाणा के कृषि मंत्री द्वारा शहीद किसानों के बारे में दिये गये बयान की कड़ी निंदा करते हुए कहा कि जो किसानों की कुर्बानी का मजाक उड़ाए उसे एक दिन भी कृषि मंत्री के पद पर बने रहने का कोई अधिकार नहीं है। उन्होंने मांग करी कि ऐसे कृषि मंत्री को तुरंत बर्खास्त किया जाए। दीपेंद्र हुड्डा ने कृषि मंत्री के बयान को शर्मनाक बताते हुए कहा कि अपने जायज हक की लड़ाई लड़ते हुए जो किसान चले गये वो भी तो किसी के लाल थे।