अमित पंघाल की हार से मायूस बैठी उनकी मां।
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हरियाणा के मुक्केबाज अमित पंघाल शनिवार को ओलंपिक में अपना पहला मुकाबला हार गए। उनका मुकाबला देखने के लिए रोहतक के गांव मायना में उनके घर पर पूरा परिवार और ग्रामीण इकट्ठा हुए थे। मैच हारने के बाद सभी के चेहरे मायूस नजर आए। हार के बाद अमित के पिता विजेंद्र पंघाल ने कहा कि खेल में हार जीत चलती रहती है। हारने का थोड़ा मलाल जरूर है लेकिन किसी को मायूस होने की जरूरत नहीं है। अगले ओलंपिक के लिए अमित और ज्यादा मेहनत करेगा।
साथ ही उन्होंने कहा कि अमित ओलंपिक में भाग लेने गए हैं लेकिन कोच के अभाव में उनका अभ्यास अच्छा नहीं हो पाया। अमित की बहुत लंबे समय से मांग थी कि ओलंपिक में उनके साथ उनके कोच अनिल धनकड़ को जाने दिया जाए। परिवार वालों ने इसके लिए सीएम से लेकर पीएम तक पत्र भी लिखे। लेकिन मांग पूरी नहीं हो सकी। इसका नुकसान भी अमित को ओलंपिक में उठाना पड़ा।
मुक्केबाजी में शनिवार को भारत को बड़ा झटका लगा है। दुनिया के नंबर एक मुक्केबाज अमित पंघाल को टोक्यो ओलंपिक से बाहर होना पड़ा है। उन्हें प्री क्वार्टरफाइनल राउंड में कोलंबियाई मुक्केबाज मार्टिनेज के हाथों हार का सामना करना पड़ा है। भारत के स्टार मुक्केबाज को फ्लाईवेट स्पर्धा (48-52 किग्रा) में रियो ओलंपिक के रजत पदक विजेता हर्ने मार्टिनेज ने 4-1 के अंतर से हराया। मैच में पंघाल ने शानदार शुरुआत करते हुए 29-28 से पहला सेट अपने नाम किया था। लेकिन इसके बाद उन्होंने लय खो दी और फिर आखिरी के चारों सेट 27-29, 27-30, 28-29, 28-29 गंवा दिया। इस हार के साथ ही पहली बार ओलंपिक में भाग लेने वाले अमित टोक्यो ओलंपिक से बाहर हो गए हैं।