प्रदेश में आरक्षण आंदोलन भड़काने वाले भ्रष्ट राजनेताओं और प्रशासनिक अधिकारियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाए। उन पर राजद्रोह का मुकदमा दर्ज किया जाए। अगर खट्टर सरकार ने जल्द ही पीड़ित व्यापारियों को शत-प्रतिशत मुआवजा नहीं दिया तो किसी भी व्यापारी की ओर से सरकार को राजस्व नहीं दिया जाएगा।
पीड़ित व्यापारियों को केंद्र से भी आर्थिक मदद मिले, इसके लिए जल्द ही दिल्ली में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात की जाएगी। यह फैसला रविवार को हरियाणा उद्योग व्यापार हित मंडल की प्रदेश स्तरीय बैठक में लिया गया। सर्विस क्लब में हुए मंथन में भारतीय उद्योग व्यापार मंडल के राष्ट्रीय वरिष्ठ उपाध्यक्ष बाल कृष्ण अग्रवाल ने कहा कि प्रदेश सरकार व्यापारियों को शत-प्रतिशत मुआवजा देने की घोषणा कर चुक ी है। हमें सरकार को एक और मौका देना चाहिए। जल्दबाजी में उठाए गए कदम से व्यापारी वर्ग को अब और नुकसान न हो।
मंडल के संरक्षक रतन लाल बंसल ने कहा कि मंडल का एक शिष्टमंडल राष्ट्रीय अध्यक्ष श्याम बिहारी मिश्र के नेतृत्व में पीएम मोदी से मिलकर पीड़ित व्यापारियों को अधिक से अधिक सुविधाएं और सुरक्षा दिलवाने का प्रयास करेगा। मंडल के प्रदेश अध्यक्ष अनिल भाटिया ने केंद्र सरकार से विशेष पैकेज हरियाणा को देने की मांग की।
जिन लोगों ने आरक्षण की आड़ में जो उत्पात मचाया है, उन लोगों के खिलाफ कड़ी से कड़ी कार्रवाई की जाए। इस तरह की घिनौनी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो और प्रदेश में भाईचारा कायम रह सके, इसके लिए हम सबको एक होने की जरूरत है। भाटिया ने कहा कि 13 मार्च को एक अहम बैठक बुलाई है। इसमें सरकार की ओर से दिए गए मुआवजे का आकलन किया जाएगा।
36 बिरादरी नहीं टूटने देगी भाईचाराबैठक में फैसला हुआ कि प्रदेश में भाईचारा कायम करने के लिए 36 बिरादरी और राजनीतिक दलों के सभी नेता, सामाजिक और धार्मिक संगठनों से जुड़े लोगों को साथ में लिया जाएगा। प्रदेश के सामाजिक ताने-बाने को टूटने नहीं दिया जाएगा।
जो विदेशी कंपनियां हरियाणा में उद्योग लगाने चाहते हैं, उनकी गति न रुके, इसके लिए आपसी भाईचारे को मजबूत करने की बहुत जरूरत है। हरियाणा व्यापार मंडल न तो कभी आरक्षण के खिलाफ था और न ही रहेगा। 36 बिरादरी के लोगों को निजी संस्थानों में अधिक से अधिक रोजगार मिले, इसकी पहल करेगा।
वित्तमंत्री ने दिया निमंत्रण, मना कियाभाटिया ने कहा कि रविवार सुबह उनके पास वित्तमंत्री कैप्टन अभिमन्यु के यहां से सद्भावना सभा में शामिल होने के लिए फोन आया। उन्होंने कहा कि 11 बजे सर्विस क्लब में बैठक है, इसलिए नहीं आ सकते हैं। इस पर कहा गया कि 10 बजे हवन और सद्भावना सभा है, वे आ सकते हैं। इसके बाद मैंने साफ तौर से सभा में शामिल होने के लिए मना कर दिया।
इन मांगों को पूरा करें सीएम1. जिन पीड़ित दुकानदार या व्यापारियों के पास कमाई का साधन न बचा हो, उन्हें सरकारी नौकरी दी जाए।2. प्रदेश में आरक्षण आंदोलन भड़काने वाले के विरुद्ध हो सीबीआई जांच।3. सभी पीड़ित व्यापारियों को शत-प्रतिशत मुआवजा दिया जाए।4. दोषियों पर राष्ट्रद्रोह का मुकदमा हो दर्ज।5. सभी व्यापारियों को मिले सुरक्षा की गारंटी।
डीसी और एसपी भी बराबर दोषी, हो कार्रवाईबैठक के बाद हुई पत्रकार वार्ता में मंडल प्रधान अनिल ने कहा कि जनता की सुरक्षा के लिए लगाए गए प्रशासन और पुलिस के नुमाइंदों ने खुद की रक्षा करना ज्यादा जरूरी समझा। इनके लिए सस्पेंड या ट्रांसफर करने जैसी सजा बहुत छोटी है। अगर ये दोषी पाए जाते हैं तो इन्हें जेल में बंद कर देना चाहिए। मिलिट्री कमजोर नहीं है, उन्हें तो आदेश ही नहीं दिए गए थे।