ब्राह्मण समाज 36 बिरादरी का प्रतिनिधि है। समाज को ब्राह्मण किसी भी हाल में बंटने नहीं देंगे। 35 बिरादरी की बात करने वाले लोग समाज विरोधी हैं। देश की आजादी से पूर्व कोई आरक्षण नहीं था। आरक्षण के नाम पर समाज का जो विघटन हुआ वह सब आजादी के बाद हुआ है। कांग्रेस ने 55 सालों तक राज कर देश का बुरा हाल कर दिया।
जबकि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने दो साल के अंदर देश को तरक्की के रास्ते पर ला दिया। पूरी दुनिया में हिंदुस्तान का डंका बज रहा है। इससे कांग्रेस पार्टी को तकलीफ हो रही है। ये बातें शिक्षा मंत्री रामबिलास शर्मा ने कहीं। शिक्षामंत्री रविवार को महम में हुए भगवान परशुराम जयंती समारोह में पहुंचे थे। उन्होंने कहा कि भगवान परशु राम सर्व हितकारी, सर्व समाज का उत्थान करने वाले व्यक्तिव थे। भगवान परशुराम कोई व्यक्ति नही अपितु एक विचार धारा है। इस मौके पर महम चौबीसी ब्र्राह्मण सभा की ओर से दिए गए मांग पत्र को स्वीकार करते हुए शिक्षा मंत्री परशुराम नाम के धर्मशाला निर्माण के लिए 21 लाख रुपये देने की घोषणा की। वहीं पार्टी नेता शमशेर सिंह खरकड़ा ने भी 21 लाख रुपये देने को कहा।
समारोह में पूर्व सांसद अरविंद शर्मा ने केंद्र में आर्थिक आधार पर ब्राह्मणों को आरक्षण देने की मांग भी की। कार्यक्रम में बहादुरगढ़ से विधायक नरेश कौशिक और कालका से विधायक लतिका शर्मा ने लोगों को सामाजिक व जातीय एकता का संदेश दिया। इस मौके पर शिक्षा मंत्री सहित पूर्व सांसद एवं विधायकों को ब्राह्मण समाज की तरफ से पगड़ी भेंट की गई। इस अवसर पर महम चौबीसी ब्राह्मण सभा के प्रधान घनश्याम, युवा भाजपा प्रदेशाध्यक्ष मुकेश गौड़ और नरेन्द्र वत्स मौजूद रहे।
अव्यवस्था देख शिक्षा मंत्री ने संभाला मोर्चा
मंच पर चढ़ने को लेकर अव्यवस्था को देखते हुए शिक्षा मंत्री रामबिलास खुद खड़े हो गए। उन्होंने लोगों को शांत कराया और अपना संबोधन किया। उन्होंने कहा कि जब से ब्राह्मणों का कश्मीर से पलायन हुआ है तभी से वहां पर आतंकियों और सेना के बीच मुठभेड़ होती रहती है।
वर्ल्ड के यंगेस्ट पर्वतारोही कौशिक दंपति को किया सम्मानित
समारोह में विश्व के सबसे युवा दपंति के रूप में माउंट एवरेस्ट फतेह करने वाली निंदाना की लाडली सुषमा कौशिक और विकास कौशिक (जलालपुरा-पानीपत) को शिक्षामंत्री ने पुरस्कृत किया। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार उनका हर संभव सहयोग और सहायता करेगी। सुषमा अज्ञैर विकास ने बताया कि 20 मई 2011 को तमाम सामाजिक बाधाओं को दरकिनार करते हुए उन्होंने विश्व की सबसे ऊंची चोटी माउंट एवरेस्ट को फतेह किया था। जिसके चलते गिनीज बुक आफ वर्ल्ड रिकार्ड में उनका नाम सबसे युवा दंपति पर्वतारोही के रूप में दर्ज हुआ।
हरियाणा पुलिस में उप निरीक्षक के पद पर कार्यरत सुषमा कौशिक ने बताया कि लक्ष्य पूरा करने में पति विकास कौशिक व परिजनों ने भरपूर सहयोग किया। वरन विकास कौशिक उनके साथ हर परिस्थिति में रहे और लक्ष्य प्राप्त किया। हाल ही में उन्हें कल्पना चावला शौर्य अवार्ड प्रदान किया गया। इससे पूर्व उन्हें 2012 में भारत गौरव अवार्ड से भी सम्मानित किया गया।