शिक्षा मंत्री की तरफ से सीटें बढ़ाने की घोषणा के बाद भी सरकारी कॉलेजों को लिखित में कोेई आदेश नहीं मिला है। मंगलवार को उच्चतर शिक्षा विभाग की तरफ से कॉलेजों को भेजे गए पत्र में सीटें बढ़ाने के आदेश से फिलहाल इनकार किया गया है। अब शिक्षा मंत्री की घोषणा और विभाग के पत्र के बीच में प्रदेश के लाखों छात्रों का भविष्य लटक गया है। पहले से ही सीटें बढ़वाने की मांग कर रहे छात्र संगठन एक बार फिर सड़कों पर उतर आएंगे।
कॉलेजों में यूजी कोर्सों की दाखिला प्रक्रिया पूरी होने के बाद सीटें बढ़ाने की मांग की जा रही है। सीटें बढ़ाने की मांग को लेकर प्रदेश भर में जगह-जगह छात्र संगठन प्रदर्शन कर रहे हैं। इसी को देखते हुए गत सप्ताह शिक्षा मंत्री रामबिलास शर्मा ने सभी कॉलेजों में 20 प्रतिशत सीटें बढ़ाने की घोषणा की थी। मंत्री की घोषणा के बाद एमडीयू ने भी संबद्ध कॉलेजों में आदेश लागू कर दिया था, लेकिन हैरत कि बात है कि सरकारी कॉलेजों को उच्चतर शिक्षा विभाग की तरफ से कोई लिखित आदेश नहीं दिया गया है। शिक्षा मंत्री की घोषणा के बाद लिखित आदेश की बांट जोह रहे सरकारी कॉलेजों में इसी वजह से दाखिले नहीं हो रहे थे। कई दिनों के इंतजार के बाद विभाग की तरफ से मंगलवार को सरकारी कॉलेजों में पत्र तो आया, लेकिन उसमें विभाग ने फिलहाल सीटें बढ़ने से मना कर दिया है। शिक्षा मंत्री की घोषणा के बाद भी उच्चतर शिक्षा विभाग ने कॉलेजों में सीटें बढ़ाने से क्यों मना कर दिया यह तो मंत्री और विभाग ही जाने, लेकिन सीटें बढ़वाने के लिए आंदोलन कर रहे छात्र संगठनों का एक बार फिर सड़कों पर आना तय माना जा रहा है।
लगभग 26 हजार छात्र हैं दाखिले से वंचित
केवल रोहतक शहर के कॉलेजों में यूजी कोर्सों की लगभग 14 हजार सीटें हैं। इन सीटों के सापेक्ष कॉलेजों में लगभग 40 हजार विद्यार्थियों ने आवेदन किया था। इसका मतलब यह है कि करीब 26 हजार छात्र छात्राएं अब भी एडमिशन से वंचित हैं। बीस फीसदी सीटें बढ़ने के बाद इनमें से कुछ विद्यार्थियों को राहत मिल सकती थी। लेकिन उच्चतर शिक्षा विभाग की तरफ से भेजे गए पत्र के बाद मंगलवार को यह उम्मीद भी टूट गई।
यह बोले कॉलेज प्राचार्य
सीटें बढ़ाने को लेकर कोई आदेश नहीं मिला है, जिस कारण एडमिशन नहीं किए गए। मंगलवार को विभाग की तरफ से एक पत्र आया है, जिसमें उन्होंने फिलहाल सीटें बढ़ने से इनकार किया है। - डॉ. वेदप्रकाश श्योराण, प्राचार्य पंडित नेकीराम शर्मा कॉलेज