फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Rohtak News: मौसम की मार से 400 रुपये कम मिल रहा धान का दाम

विज्ञापन
45 बारिश से भीगी धान को सुखाने के लिए पलटते मजदूर। संवाद
विज्ञापन
रोहतक। मंडी में किसानों की मुश्किलें घटने का नाम नहीं ले रही हैं। एक तरफ किसान मौसम की मार से परेशान हैं तो दूसरा तरफ फसल को 400 रुपये कट पर बेचने के लिए मजबूर हैं। किसानों का कहना है कि पहले खरीद में देर हुई। अब खरीद शुरू हुई तो बारिश से धान काला पड़ गया।
विज्ञापन

अब धान बेचने के लिए उनसे कट मांगा जा रहा है। बारिश की मार से कहीं-कहीं तो धान अंकुरित तक हो गया है। मंडी में किसान सारा दिन पलट-पलटकर धान सुखाते रहे। बुधवार को मंडी में करीब 1979 क्विंटल धान की आवक हुई। 2054 क्विंटल धान की खरीद हुई। अब तक मंडी में 30169 क्विंटल धान की आवक हुई।

नमी ठीक होने के बाद भी धान बेचने के लिए 400 रुपये कम दाम लगा रहा हैं। ऐसे में वे क्या करें। मजबूरी में धान बेचना पड़ रहा है। - रमेश, कबूलपुर

सारा दिन ढेरी को पलट-पलटकर सुखा रहे हैं। धान खरीद के लिए आए थे मगर नमी बताकर नहीं खरीदा। धान में नमी सही मिलने पर भी 300 रुपये तक कम दाम दे रहे हैं।-अंकित, गद्दी खेड़ा।
विज्ञापन

-
दस दिन से दो ट्रॉलियों का धान मंडी में पड़ा है लेकिन मौसम की मार से वह सूख ही नहीं पा रहा है। ऐसे में कम दाम में धान बेचने के लिए कहा जा रहा है। - धरमबीर, कबूलपुर

अगर कोई किसान की फसल को सरकारी रेट 2389 से कम में खरीदता है तो तुरंत कमेटी कार्यालय में सूचना दें। उस पर तुरंत कार्रवाई की जाएगी। कोई भी सरकारी रेट से कम में धान खरीद ही नहीं सकता। - दीपक लोहचब, सचिव मार्केट कमेटी।
-
धान में नमी व उसकी गुणवत्ता के हिसाब से ही फसल को खरीदा जा रहा है। किसानों की तरफ से झूठा आरोप लगाया जा रहा है। - अरुण, मिल खरीदार।

मिल खरीदार सही से धान की खरीद नहीं कर रहा है। किसानों को भी इससे परेशानी हो रही है। समस्या का समाधान होना चाहिए। आढ़तियों के पास पड़े धान को भी नमी बताकर खरीदने से इन्कार कर दिया जाता है। -मुकेश, आढ़ती एसोसिएशन प्रधान
विज्ञापन

संवाद
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें