रोहतक। प्रदेश में हुए रजिस्ट्री फर्जीवाडे़ में मंडल के तहसीलदार और नायब तहसीलदारों के नाम सामने आने से खलबली मची है। हालांकि रिवेन्यू ऑफिसर एसोसिएशन की प्रदेश इकाई वेट एंड वाच के मूड में है। संगठन के अध्यक्ष का कहना है कि अभी केवल नोटिस जारी कर जवाब मांगे गए हैं। उधर पटवार-कानूनगो एसोसिएशन ने 22 फरवरी को डिप्टी सीएम से वार्ता के बाद आगे का निर्णय लेने की बात कही है।
रजिस्ट्री घोटोल में गुरुगाम और करनाल मंडल के 234 अधिकारियों कर्मचारियों पर पहले ही कार्रवाई कर चार्जशीट दी जा चुकी है। इसके बाद से प्रदेश के अन्य जिलों में भी तहसील अधिकारियों में खलबली मची हुई थी। इसी को लेकर पटवार कानूनगो दो दिन की हड़ताल पर रहे। अब वित्तायुक्त द्वारा अन्य मंडलों में भी फर्जी रजिस्ट्री की संख्या और कार्रवाई की जद में आ रहे तहसीलदार नायब तहसीलदारों पर अंडर रूल 7 के तहत कार्रवाई आदेश जारी करने से तहसील प्रशासन के रेवेन्यू अधिकारियों में खलबली मच गई है। रोहतक मंडल के कुल 53 तहसीलदार और नायब तहसीलदार के नाम हैं। हालांकि पटवारी और रजिस्ट्री क्लर्क की जांच अभी जारी है माना जा रहा है कि जल्द ही इन पर भी कार्रवाई हो सकती है। सदर तहसीलदार जिवेंद्र मलिक ने बताया कि ये मामला उनसे पूर्व का है। वे तो कुछ माह पूर्व ही यहां आए हैं। रेवेन्यू ऑफिसर एसोसिएशन फिलहाल शांत है। उनकी प्रांतीय इकाई का कहना है कि अभी केवल नोटिस जारी किए गए हैं जिनका जवाब दिया जा रहा है।
जांच में सिर्फ तहसील प्रशासन को निशाना बनाया गया : पटवार-कानूनगो एसोसिएशन
पटवार कानूनगो एसोसिएशन के प्रांतीय अध्यक्ष जयवीर चहल ने रजिस्ट्री घोटाले की जांच पर ही सवाल उठाए हैं। उनका कहना है कि रजिस्ट्री में केवल पटवारी कानूनगो या रेवेन्यू अधिकारियों की भूमिका नहीं होती। रजिस्ट्री के लिए पटवारी लेखपाल केवल फर्द या खसरा नंबर बताते हैं। जमीन की स्थिति के आधार पर अपनी रिपोर्ट देते हैं। जिला टाउन प्लानिंग और रजिस्ट्री विभाग का भी अहम भूमिका होती है लेकिन इनमें से किसी की जांच नहीं की गई। 2017 में सरकार द्वारा रजिस्ट्री में एनओसी लेने के नियम में किया गया संशोधन भी कोलोनाइजरों के लिए फायदेमंद रही थी। सरकार को इसकी फिर से सही ढंग से जांच करानी चाहिए।
वर्जन-
अभी केवल अंडर रूल-7 के अंतर्गत नोटिस दिए गए हैं। जिनका जवाब संबंधितों द्वारा दिया जा रहा है। फिलहाल इस संबंध में अभी तक एसोसिएशन ने कोई बात नहीं की है। अभी किसी तरह का कोई निर्णय या कदम नहीं उठाया गया है।
- अभिषेक, विव्यान, प्रांतीय अध्यक्ष रेवेन्यू ऑफिसर एसोसिएशन
रजिस्ट्री में लेखपाल, कानूनगो का कोई भूमिका नहीं है। लेखपाल हर छह महीने बाद गिरदावरी करते हैं, जिसमें मौके पर जाकर जमीन की स्थिति पर रिपोर्ट दी जाती है। इसी आधार पर रिपोर्ट लगाते हैं लेकिन मुख्य काम अर्जी नवीस और जिला टाउन प्लानिंग से जुडे़ अधिकारियों का होता है इन विभागों को जांच में शामिल नहीं किया गया है। लाल डोरे की रजिस्ट्री में एनओसी की जरूरत न होने पर भी पटवारियों को नोटिस भेजे गए हैं। इसकी जांच सही ढंग से होनी चाहिए।
- प्रांतीय अध्यक्ष जयवीर चहल पटवार, कानूनगो एसोसिएशन