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नशे की लत से पूरा परिवार बर्बादी की तरफ चला जाता : एसीपी धर्मवीर

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झज्जर। एसीपी सिटी धर्मवीर सिंह ने कहा कि नशा एक बुरी लत है, जिसने आपको घेर लिया तो पूरी जिंदगी बर्बाद हो जाती है। आपके और हमारे सामने कई ऐसे मामले आ चुके हैं, जहां नशे के कारण पूरे घर बर्बाद हो चुके हैं। इसलिए नशे से दूर रहना चाहिए। एसीपी सिटी शुक्रवार को बहादुरगढ़ रोड स्थित स्टेट इंस्टीट्यूट ऑफ एडवांस्ड स्ट्डीज इन टीचर एजुकेशन में अमर उजाला फाउंडेशन की तरफ से आयोजित पुलिस की पाठशाला में कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। संस्थान में पहुंचने पर प्रिंसिपल डॉ. संतोष ने उनका व टीम का स्वागत किया।
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एसीपी धर्मवीर सिंह ने कहा कि नशे की लत पड़ जाती है तो कुछ नहीं सूझता। हमारे सामने ऐसे केस भी आए हैं, जिसमें नशे की हालत में मर्डर तक हो जाते हैं। इस बुराई से बचने के लिए आप अपना ध्यान खेल, व्यायाम की तरफ लगाएं। आपको लत लगानी है तो पढ़ाई की लगाएं, खेल की लगाएं। नशा शरीर को पूरा खोखला कर देता है और अपराध की तरफ धकेलता है। एक-दूसरे की देखादेखी कुछ युवा नशे करने लगते हैं, लेकिन यह बिल्कुल गलत है।
साइबर थाना प्रभारी अजय ने कहा कि आज साइबर ठगी की घटनाएं बढ़ रही हैं। इससे केवल जागरूकता से ही बचाव किया जा सकता है। थोड़ी सी जागरूकता से लाखों और करोड़ों रुपये की राशि की ठगी होने से बचा जा सकता है। आज डिजिटल अरेस्ट, टास्क देकर मुनाफा कमाने जैसी घटनाएं बढ़ रही है। यह केवल साइबर अपराधियों का षड्यंत्र होता है। यदि कोई साइबर ठगी की घटना होती है तो तुरंत 1930 पर शिकायत दर्ज करें।
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महिला थाना से एएसआई सरिता ने कहा कि आज महिला विरुद्ध अपराध बढ़ रहे हैं। इसलिए उसको सहना भी अपराध है। यदि कोई हिंसा होती है तो उसकी तुरंत शिकायत करें। संस्थाओं के आसपास यदि कोई घटना होती है तो तुरंत दुर्गा शक्ति या महिला पुलिस की हेल्पलाइन पर शिकायत दें।
यातायात प्रभारी सत्यप्रकाश ने कहा कि हम देख रहे हैं कि लोग चालान तो भर देते हैं, लेकिन यातायात नियमों का पालन नहीं करते। पहले चालान 100 रुपये का होता था, लेकिन अब एक हजार रुपये का चालान होने के बावजूद यातायात नियमों को तोड़ने की घटनाएं बढ़ रही है। यातायात नियमों का पालन युवा वर्ग और खास तौर पर लड़कियां करवा सकती हैं। वह अपने माता-पिता, भाई को कहे तो बाइक चलाते समय हेलमेट और कार चलाते समय सीट बेल्ट का प्रयोग करें। बेटियों की बात हर कोई मानता है। इसलिए आज से ऐसा प्रयास करें।
संस्थान की प्राचार्य डॉ. संतोष ने कहा कि युवा वर्ग ही आगे आकर जागरूकता फैला सकता है। आस-पड़ोस में जाकर जागरूक करें। इससे समाज का भला होगा। इस अवसर पर निदेशक ऋषि गोयल, एनएसएस और वाईआरसी कार्यक्रम अधिकारी सविता यादव, लोकेश कौशिक, कमेटी सदस्य नवबहार यादव, मुकेश रानी, दीपक सैनी व अन्य स्टाफ सदस्य मौजूद रहे।
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