तीन दिन से पेयजल आपूर्ति ठप रहने से डेयरी मोहल्ला के लोगों का गुस्सा मंगलवार को फूट गया। गुस्साए लोगों ने चिलचिलाती धूप में सड़क पर जाम लगा दिया। लोगों ने प्यासे हैं पानी दो.... के नारे लगाए। सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और लोगों को समझा बुझाकर जाम खुलवाया। वहीं, पानी सप्लाई ठप होने पर जनस्वास्थ्य विभाग और बिजली निगम अधिकारी आमने-सामने हो गए और एक-दूसरे को जिम्मेदार ठहराया।
डेयरी मोहल्ला में पेयजल समस्या से जूझ रहे लोगों ने बताया कि उनके क्षेत्र में एक साल से सिर्फ एक समय ही पानी की आपूर्ति की जाती है, वह भी तड़के 3:40 बजे। पानी भरने के लोग तीन बजे जागकर पानी भरते हैं। वह भी 20 से 30 मिनट ही आता है। लगातार तीन दिन से पानी की आपूर्ति पूरी तरह से ठप है। किसी भी घर के नल से एक भी बूंद पानी नहीं टपका है। जिसकी वजह से भीषण गर्मी में गंभीर पेयजल समस्या से जूझना पड़ रहा है। महिलाओं को 500 से 600 मीटर दूर माता दरवाजा से पानी ढोकर लाना पड़ रहा है। दूरी ज्यादा होने की वजह से सीमित मात्रा में ही पानी ढो पा रहे हैं। जिससे गर्मी में नहाना और कपड़े धोना भी बंद हो गया है। पानी नहीं मिलने की सूचना जनस्वास्थ्य विभाग में दी, मगर कोई सुनवाई नहीं हुई। जिसकी वजह से मजबूरन सड़क पर उतरकर जाम लगाना पड़ा है।
परेशान डेयरी मोहल्ला के पुरुष और महिलाएं सुबह साढ़े दस बजे से सड़क पर एकत्रित होना शुरू हो गए और 10:40 बजे सड़क पर बैठकर रास्ता जाम कर दिया। सड़क जाम करने की सूचना पर थाना पुलिस मौके पर पहुंची और लोगों को समझाने का प्रयास किया पर वह नहीं माने। कुछ देर में जनस्वास्थ्य विभाग के जूनियर इंजीनियर देवेंद्र मौके पर पहुंचे और लोगों को पेयजल आपूर्ति सुचारू क रने का आश्वासन दिया, तब कहीं जाकर जाम खुला। वहीं, जब जनस्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों ने पेयजल सप्लाई ठप होने का ठीकरा बिजली निगम पर फोड़ा तो दोनों विभागों के अधिकारी आमने-सामने हो गए। जनस्वास्थ्य विभाग के एसडीओ अनिल रोहिल्ला ने बताया कि बिजली निगम और जनस्वास्थ्य विभाग का संयुक्त वाट्सएप ग्रुप बना है, जिसमें लगातार बिजली सप्लाई ठप होने की वजह से पेयजल आपूर्ति ठप होने का संदेश डाला जा रहा है। बिजली कट होने की वजह से डेयरी मोहल्ला में तीन दिन से पानी नहीं पहुंच रहा और लोगों ने जाम लगाया। उन्होंने बताया कि मजबूरन मंगलवार को बिजली निगम के एसडीओ को कट की वजह से पेयजल आपूर्ति प्रभावित होने का पत्र लिखा है। वहीं, बिजली निगम के कार्यकारी अभियंता मेहताब सिंह का कहना है कि कोई भी कट नहीं लगाया गया है, जो पूरी तरह से गलत है। सवाल यह है कि यदि कट था, तो जनस्वास्थ्य विभाग को कट खत्म होने के बाद सप्लाई करनी चाहिए। कट की बात कहकर जनस्वास्थ्य विभाग के अधिकारी अपनी जिम्मेदारी से बच रहे हैं। हम मानते हैं कि बिजली कट था, तो क्या जनस्वास्थ्य विभाग ने बताया। पानी सप्लाई करने की जिम्मेदारी हमारी नहीं जनस्वास्थ्य विभाग की है।
डेयरी मोहल्ले की महिलाओं की पीड़ा
तीन दिन से पानी नहीं आ रहा, जिसकी वजह से भीषण गर्मी में नहा भी नहीं पा रहे हैं। खाना पकाने और प्यास बुझाने के लिए 500 मीटर दूर माता दरवाजा से पानी भरकर लाना पड़ रहा है। -मेवा
तीन दिन से नलों से एक भी बूंद पानी नहीं टपका है। सामान्य दिनों में पानी आता है, वह तड़के 3:40 बजे। पानी सप्लाई पूरी नहीं करता, सिर्फ 20 से 30 मिनट पानी आता है, जो पर्याप्त नहीं।-ओमवती
तीन दिन से नलों से एक भी बूंद पानी नहीं टपका है, जिससे गंभीर संकट पैदा हो गया है। घर से काफी दूरी से पानी भरकर लाना पड़ता है। पानी नहीं होने से भीषण गर्मी में काफी दिक्कत हो रही है। -ममता
मेरी घर में कोई नहीं है। उम्र इतनी ज्यादा है कि चलने-फिरने में दिक्कत होती है। नलों से पानी नहीं आ रहा जिसकी वजह से मजबूरी में किसी न किसी तरह से दूर से पानी भरकर लाना पड़ रहा है।-बिरमा देवी
डेयरी मोहल्ले की पेयजल आपूर्ति हमारी वजह से नहीं, बल्कि बिजली कट की वजह से ठप हुई है। जिसके बारे में एसडीओ की तरफ से बताया जा चुका है। -राजीव गुप्ता, अधीक्षण अभियंता जनस्वास्थ्य विभाग।
यदि कट की वजह से पानी की सप्लाई ठप हो रही थी तो जनस्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों को बताना चाहिए था। इस तरह की बात करके जिम्मेदारी से नहीं बचा जा सकता है। -एके यादव, अधीक्षण अभियंता बिजली निगम।
डेयरी महोल्ले में पानी की समस्या को लेकर जाम लगा रहे लोगो से बातचीत करती पुलिस। संवाद