कलानौर। कस्बे में घरेलू सिलिंडर का धड़ल्ले से उपयोग हो रहा है। दुकानों पर भी व्यावसायिक सिलिंडर की जगह घरेलू सिलिंडर ही उपयोग किए जा रहे हैं। इन पर किसी तरह की रोकटोक नहीं है, जबकि आम उपभोक्ता गैस न मिलने से परेशान हैं।
सावन माह की शुरुआत से पहले ही बाजार में घेवर व अन्य मिठाई बनना शुरू हो गई हैं। ग्राहक भी सावन की मिठाई खरीदने के लिए आ रहे हैं। ऐसे में दुकानों के बाहर जगह-जगह अस्थायी स्टाॅल नजर आने लगे हैं। यहां घरेलू गैस सिलिंडरों पर घेवर बनाया जा रहा है।
हलवाई, ढाबे, चाय, वेल्डर की दुकानों समेत कलानौर काॅलेज मोड़ से लेकर खैरड़ी माेड़ व अन्य जगहों पर घरेलू सिलिंडर इस्तेमाल हो रहे हैं। लोगों का कहना है कि जानकारी होने के बावजूद अधिकारी कोई कार्रवाई नही कर रहे हैं।
घरेलू सिलिंडर से महंगा है व्यावसायिक सिलिंडर
व्यावसायिक सिलिंडर में 19 किलोग्राम गैस आती है। इसके दाम 1700 रुपये हैं, जबकि 14.2 किलोग्राम घरेलू गैस सिलिंडर 950 रुपये का आता है। यहां पर दुकानदारों को चार किग्रा गैस के लिए करीब 750 रुपये ज्यादा चुकाने पड़ रहे हैं, जबकि घरेलू सिलिंडर दुकानदार को आसानी से 1100 रुपये तक में उपलब्ध हो जाता है। व्यावसायिक गैस सिलिंडर के लिए मशक्कत करनी पड़ती है।
रूटीन में छापा डाला जा रहा है। कुछ समय पहले 100 घरेलू गैस सिलिंडर पकड़े गए थे। विशेष टीम के साथ कलानौर में दोबारा से छापा डाला जाएगा। -
- विरेंद्र सिंह, डीएफएससी।