रोहतक। महर्षि दयानंद विश्वविद्यालय (एमडीयू) के सेंटर फॉर डिसेबिलिटी स्टडीज में सत्र 2025-26 में डिप्लोमा इन टीचिंग इंडियन साइन लैंग्वेज और डिप्लोमा इन इंडियन साइन लैंग्वेज इंटरप्रेटेशन पाठ्यक्रमों में दाखिला प्रक्रिया जारी है। इच्छुक विद्यार्थी 12 जुलाई तक रिहैबिलिटेशन काउंसिल ऑफ इंडिया (आरसीआई) की आधिकारिक वेबसाइट पर ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं। आवेदन करते समय एमडीयू को प्रथम पसंदीदा केंद्र के रूप में चयनित करना जरूरी है।
सेंटर फॉर डिसेबिलिटी स्टडीज की निदेशक प्रो. प्रतिमा रंगा ने बताया कि डिप्लोमा इन टीचिंग इंडियन साइन लैंग्वेज और डिप्लोमा इन इंडियन साइन लैंग्वेज इंटरप्रेटेशन पाठ्यक्रमों में दाखिला लेने वाले विद्यार्थियों के लिए यह एक सुनहरा अवसर है। क्योंकि इंडियन साइन लैंग्वेज विशेषज्ञों की देशभर में भारी मांग है। यह कोर्स न केवल दिव्यांगजनों के सशक्तिकरण में सहायक है, बल्कि रोजगार के नए द्वार भी खोलता है। 2024 में इन पाठ्यक्रमों के प्रथम बैच के पास आउट विद्यार्थियों ने शिक्षा, सामाजिक सेवा और कंसल्टेंसी जैसे क्षेत्रों में बेहतर कॅरिअर निर्माण किया है।
उन्होंने बताया कि डिप्लोमा इन टीचिंग इंडियन साइन लैंग्वेज पाठ्यक्रम में 20 सीटें व डिप्लोमा इन इंडियन साइन लैंग्वेज इंटरप्रेटेशन पाठ्यक्रम में 30 सीटें उपलब्ध हैं। इनमें एडमिशन के लिए आरसीआई की आधिकारिक वेबसाइट https://nber-rehabcouncil.gov.in/ और https://rehabcouncil.in/ पर 12 जुलाई तक ऑनलाइन आवेदन किया जा सकता है।