ठंड में डाॅग बाइट के मामले में कोई कमी नहीं है। पंडित भगवत दयाल शर्मा स्नातकोत्तर चिकित्सा विज्ञान संस्थान (पीजीआईएमएस) में रोजाना 50 से अधिक मरीज डाॅग बाइट हो जाने के बाद एंटी रेबीज के इंजेक्शन लगवाने पहुंच रहे हैं।
बीते एक माह में 1300 से अधिक मरीजों को एंटी रेबीज का इंजेक्शन लगवाने पहुंचे हैं। अकेले नवंबर में डॉग बाइट के 976 मामले आए हैं। यह आंकड़ा केवल पीजीआई का है। नागरिक अस्पताल और सीएचसी च निजी अस्पतालों के आंकड़े शामिल करने के बाद इनमें बढ़ोतरी हो सकती है।
पीजीआई के एंटी रेबीज कक्ष के आंकड़ों के अनुसार, प्रतिदिन 40 से 50 मरीज एंटी रेबीज लगवाने पहुंच रहे हैं। इसमें 90 प्रतिशत से ज्यादा मामले कुत्ता काटने के हैं। शेष बंदर और बिल्ली काटने के हैं। बीते मंगलवार को इस नववर्ष में अब तक का सबसे ज्यादा 85 लोग डॉग बाइट का शिकार होकर एंटी रेबीज इंजेक्शन लगवाने पहुंचे।
बीते एक साल में 9162 लोगों को लगाया एंटी रेबीज इंजेक्शन
अप्रैल 2023 से मार्च 2024 तक 9162 लोगों को एंटी रेबीज इंजेक्शन लगाए गए हैं। डॉग बाइट के शिकार होने में बच्चों से ज्यादा बड़े हैं। इसमें महिला व पुरुष दोनों शामिल हैं।
बाजार में अलग-अलग है एंटी रेबीज इंजेक्शन की कीमत
बाजार में एंटी रेबीज इंजेक्शन की कीमत अलग-अलग हैं। 450 से शुरू होकर 530 रुपये में यह इंजेक्शन उपलब्ध होता है। यह एक इंजेक्शन की कीमत है। वहीं, डॉग बाइट होने पर एंटी रेबीज के चार इंजेक्शन लगाए जाते हैं। पहला इंजेक्शन 24 घंटे के अंदर, दूसरा टीके के तीसरे दिन, तीसरा सातवें दिन और चौथा व अंतिम टीका 28वें दिन लगाया जाता है।
एंटी रेबीज इंजेक्शन की कोई कमी नहीं है। हमेशा स्टॉक फुल रहता है। रोज डॉग बाइट के 50 से ज्यादा मामले आते हैं। सभी को संपूर्ण डोज लगाई जाती है। ओपीडी तृतीय मंजिल पर इम्यूनाइजेशन कक्ष है। यहां सुबह 9 से दोपहर बाद 3 बजे तक ओपीडी खुली रहती है। इसके बाद आपातकालीन विभाग में सेवाएं 24 घंटे सेवाएं उपलब्ध हैं।
-डॉ. एसके सिंघल, निदेशक, पीजीआईएमएस
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नगर निगम ने तीसरी बार लगाया कुत्तों की नसबंदी का टेंडर, 15 को खोला जाएगा
उधर, नगर निगम ने गलियों में घूम रहे कुत्तों को पकड़कर नसबंदी करने का टेंडर तीसरी बार लगाया है, जिसे 15 जनवरी को खोला जाएगा। इससे पहले लगाया गया टेंडर तकनीकी कमियों के चलते रद्द कर दिया गया था। निगम के कार्यकारी अभियंता मनदीप धनखड़ ने बताया कि तकनीकी कमी के कारण पहले टेंडर रद्द हुआ था। अब की बार सभी औपचारिकताएं पूरी करके टेंडर लगाया गया है।
आकाश सक्सेना
आकाश सक्सेना
आकाश सक्सेना