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दो जुड़वा बच्चों व पलवल के आरोपी वकील का होगा डीएनए टेस्ट

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दुष्कर्म के आरोप से बचने के लिए रोहतक की युवती से शादी करने व बाद में बिना तलाक लिए दूसरी शादी करने के आरोपी पलवल के वकील व पीड़िता के दो जुड़वा बच्चों का डीएनए टेस्ट करवाया जाए, ताकि यह पता लग सके कि आरोपी बच्चों का पिता है या नहीं। सीजेएम विवेक सिंह की अदालत में पुलिस की तरफ से यह अर्जी दाखिल की गई थी।
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पीड़िता के वकील पीयूष गक्खड़ ने बताया कि शहर की एक युवती ने शिवाजी कॉलोनी थाने में केस दर्ज करवाया था कि 2015 में उसका संपर्क पलवल के एक युवक से हुआ, जो रोहतक में लॉ की पढ़ाई कर रहा था। आरोप है कि 2016 में आरोपी ने उसके साथ दुष्कर्म किया। इसके बाद वह गर्भवती हो गई। जब उसने आरोपी को बताया तो उसने पुलिस कार्रवाई से बचने के लिए आर्य समाज मंदिर में उससे शादी कर ली। इसके बाद उसे जुड़वा बच्चे हुए। आरोपी ने उसके बच्चों को अपनाने से इनकार कर दिया और किसी अन्य युवती से शादी कर ली। पुलिस ने मामले की जांच पड़ताल की। जांच को आगे बढ़ाने के लिए पुलिस ने अदालत में याचिका दायर करके आरोपी वकील का डीएनए टेस्ट करवाने की अर्जी दाखिल की, लेकिन आरोपी वकील ने यह कहकर डीएनए टेस्ट करवाने से इनकार दिया कि, इससे जुड़वा बच्चों के सामाजिक जीवन पर असर पड़ेगा। दूसरी तरफ पीड़िता के वकील ने अदालत को बताया कि कई बार केस की सच्चाई जानने के लिए डीएनए टेस्ट करवाना अनिवार्य होता है। सुप्रीम कोर्ट व हाईकोर्ट तक विशेष स्थिति में मना करने के बावजूद डीएनए टेस्ट करवाने के आदेश दे चुके हैं। दोनों पक्षों की बहस के बाद अदालत ने बुधवार को पुलिस को आरोपी वकील व जुड़वा बच्चों का डीएनए टेस्ट करवाने की अनुमति दे दी।
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