जिला बार एसोसिएशन के चुनाव के लिए 6 नवंबर को वोट डाले जाएंगे, लेकिन बार की मतदाता सूची को लेकर अब तक पेंच फंसा है। पंजाब एवं हरियाणा बार कौंसिल ने मंगलवार को जिला बार एसोसिएशन के चुनाव अधिकारी को पत्र भेजा है कि हाईकोर्ट के फैसले पर जब तक मंथन नहीं होता, तब तक नई वोट जोड़ने पर रोक लगाई जाती है। बार कौंसिल अंतिम निर्णय बुुधवार को ले सकती है। हालांकि चुुनाव अधिकारी एडवोकेट अरविंद श्योराण का कहना है कि उनको अभी आधिकारिक तौर पर पत्र नहीं मिला है।
चुनाव अधिकारी ने बताया कि सोमवार को वे पंजाब एवं हरियाणा बार कौंसिल में गए थे, जहां रोहतक बार की मतदाता सूची में 36 और वकीलों के नाम जोड़ने की मांग की थी। उक्त वकील जिला के सदस्य होने के नाते तय मापदंडों को पूरा करते हैं, लेकिन किसी न किसी कारण सूची में नाम नहीं जुड़ सका। अब उनको पता नहीं, बार कौंसिल ने सूची को स्वीकार किया या नहीं। बुधवार को कौंसिल का आधिकारिक तौर पर पत्र मिलने के बाद ही कुछ कहा जा सकेगा।
जिला बार एसोसिएशन के चुनाव में शुक्रवार 6 नवंबर को वोट डाले जाएंगे। दो दिन पहले मतदाता सूची में किसी तरह का बदलाव उचित नहीं है। इससे न केवल प्रत्याशियों के प्रचार पर प्रभाव पड़ता है, बल्कि चुनाव प्रबंधन भी प्रभावित होता है।
-डॉ. दीपक भारद्वाज, पूर्व सचिव, जिला बार एसोसिएशन।
36 वकीलों के नाम बार कौंसिल को दिए थे। जबकि 33 वकील बार के आजीवन सदस्य हैं। इस तरह कुल 2660 वोटर मतदाता सूची में होते। अगर कौंसिल 36 वोट शामिल नहीं करती है तो आजीवन सदस्यों सहित मतदाता सूची में 2624 वोट रहेगी।
-एडवोकेट अरविंद श्योराण, चुनाव अधिकारी, जिला बार एसोसिएशन।