डिस्टेंस एजूकेशन को लेकर अब संस्थान छात्रों को गुमराह नहीं कर सकेंगे। उन्हें अपने संस्थान की तमाम जानकारी वेबसाइट पर अपडेट करनी होगी। खास बात यह है कि समय-समय पर यूजीसी की तरफ से वेबसाइट पर अपडेट और अन्य रिकार्ड में दी गई जानकारी का मिलान किया जाएगा। यूजीसी ने इसके लिए देशभर की 145 यूनिवर्सिटी को दिशा-निर्देश जारी किए हैं।
दरअसल, डिस्टेंस सेंटर कई बार वेबसाइट पर गलत जानकारी अपडेट कर देते हैं। इसके पीछे उनका मकसद रहता है कि अधिक से अधिक छात्रों का प्रवेश करवाया जा सके। यूनिवर्सिटी के अधीन चलने वाले ये डिस्टेंस सेंटर छात्रों को गुमराह न कर सकें, इसके लिए अब यूजीसी ने 14 बिंदुओं पर आधारित नए दिशा-निर्देश जारी किए हैं।
इसमें डिस्टेंस सेंटर में कौन-कौन से कोर्स संचालित हैं, किस यूनिवर्सिटी के अधीन हैं, एकेडमिक कैलेंडर की जानकारी, छात्रों के रजिस्ट्रेशन की संख्या, कितने पास हुए, कितने फेल और पिछले तीन वर्षों में कैसा सेशन रहा आदि ब्योरा अपडेट करना होगा। स्टडी सेंटर, परीक्षा सेंटर और फैकल्टी का भी ब्योरा वेबसाइट पर अपडेट करना अनिवार्य होगा। यूजीसी ने यूनिवर्सिटी को पत्र भेजकर सख्त हिदायत दी है कि कभी भी इसकी चेकिंग की जा सकती है, यदि जानकारी में अंतर पाया गया तो अगले वर्ष की मान्यता को लेकर सेंटर ब्लैक लिस्ट हो सकता है।