मेडिकल मोड़ पर साइड न देने पर एक गाड़ी में सवार तीन युवकों ने एक युवक का उसी की गाड़ी में अपहरण कर लिया। आरोपियों ने गाड़ी में सवार दूसरे युवकों की पीटकर भगा दिया। अपहृत युवक और गाड़ी में रखे दो लाख रुपये समेत आरोपी युवक गाड़ी को लेकर दिल्ली की ओर फरार हो गए।
मामला पुलिस तक पहुंचा तो युवक अपहृत को लेकर थाने पहुंचे और पीड़ित पक्ष से माफी मांगी। इस पर समझौता हो गया। हुआ यूं कि कबूलपुर निवासी धर्मजीत के दोस्त गांव के ही राजेश के बेटे को पत्थरी की समस्या है। उसे मेडिकल मोड़ स्थित एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया था।
बुधवार दोपहर धर्मजीत अपने दोस्त राजेश व सोनीपत निवासी एक अन्य दोस्त के साथ सेंट्रो कार में गांव से रोहतक आया। रास्ते में काफी देर से एक गाड़ी कभी आगे तो कभी पीछे चल रही थी। जैसे ही धर्मजीत की गाड़ी मेडिकल मोड़ के नजदीक पहुंची तो वह गाड़ी सामने आकर रुक गई।
तीन युवक उतरे और धर्मजीत की गाड़ी की खिड़की खोलकर उन्हें पीटना शुरू कर दिया। इस पर धर्मजीत व उसका सोनीपत निवासी साथी गाड़ी को छोड़कर भाग गए। लेकिन राजेश गाड़ी में ही रह गया। दो युवक धर्मजीत की गाड़ी को लेकर दिल्ली की ओर फरार हो गए। धर्मजीत ने मेडिकल मोड़ पर मौजूद पुलिसकर्मियों को घटना की सूचना दी।
धर्मजीत ने बताया कि गाड़ी में 2 लाख रुपये भी थे। पीजीआई थाने से पुलिस मेडिकल मोड़ पर पहुंची। पुलिस धर्मजीत व उसके साथी को अपने साथ थाने ले गई। बाद में राजेश के नंबर पर फोन कर आरोपी युवकों से बातचीत की गई तो वे राजेश को लेकर थाने पहुंच गए।
दोनों पक्षों में एक घंटा बहस - दोनों पक्षों की थाने में एक घंटा बहस हुई। पहले धर्मजीत व उसके साथी कार्रवाई की मांग पर अड़े रहे, लेकिन बाद में आरोपी पक्ष के युवकों द्वारा माफी मांगने पर समझौता हो गया। पीजीआई थाना प्रभारी एमआई खान ने बताया कि दोनों पक्षों को थाने में बुलाया गया, जहां समझौता हो गया।
आपणले भी हाई सैं, फोन नहीं थाते - जब धर्मजीत पुलिसकर्मियों के पास पहुंचा तो उन्होंने 100 नंबर पर फोन किया। लेकिन किसी ने फोन ही नहीं उठाया। लगातार 6-7 बार फोन करने के बावजूद भी किसी ने कॉल रिसीव नहीं की। एक पुलिसकर्मी ने कहा कि ‘आपणले भी हाई सै, फोन नहीं थातै। फेर नूं कहंगे, के हामनैं किमे बतातै कोनी।’