रोहतक। 12वीं के बाद अगर आप कुछ अलग करना चाहते हैं तो मनोविज्ञान (साइकोलॉजी) एक अच्छा विकल्प है। इसमें कॅरिअर बनाने के लिए पहले बैचलर डिग्री और उसके बाद मास्टर डिग्री हासिल करनी होती है। इसमें स्वास्थ्य, क्लिनिकल, शैक्षिक, रिसर्च, व्यावसायिक काउंसिलिंग, न्यूरो, खेल, व्यायाम और फोरेंसिक जैसे विषयों में विशेषज्ञता हासिल कर सकता है। इसके अलावा, साइकोलॉजिस्ट, काउंसलर, मानव संसाधन प्रबंधक और प्रोफेसर आदि बन सकते हैं। जिले के दो कॉलेज में यह कोर्स उपलब्ध है।
राजकीय महिला महाविद्यालय शमशेर हुड्डा ने बताया कि साइकोलॉजी मानव मन और व्यवहार का अध्ययन है। इसके जरिए छात्र मस्तिष्क को पढ़ने की भाषा सीखते हैं। इसमें व्यक्ति की परेशानियों का निदान करने के लिए वैज्ञानिक नियमों और थ्योरी का प्रयोग किया जाता है।
साइकोलॉजी अध्ययन और रिसर्च का सबसे ज्यादा प्रयोग मानसिक रोगों को समझने, उनका इलाज करने और मानसिक स्वास्थ्य को बेहतर बनाने में किया जाता है। उन्होंने बताया कि साइकोलॉजी कई तरह की होती है, जैसे चाइल्ड साइकोलॉजी, क्लिनिकल साइकॉलोजी, क्रिमिनल साइकोलॉजी व सोशल साइकोलॉजी आदि। राजकीय महिला महाविद्यालय में 60 सीट व 4664 रुपये फीस है। वहीं, नेकीराम कॉलेज में 40 सीट व 5024 रुपये फीस है।