पीजीआई का मनोरोग विभाग और एसआईएमएच (स्टेट इंस्टीट्यूट आफ मेंटल हेल्थ) अब इंस्टीट्यूट ऑफ मेंटल हेल्थ हो गया है। इसके लिए मनोरोग विभाग के करीब आठ विभागों को मिलाया गया है। इस पर जहां संस्थान में खुशी की लहर है, वहीं, पीजीआई की मान्यता पर भी सवाल खडे़ हो गए हैं। क्योंकि किसी भी मेडिकल कॉलेज के लिए मनोरोग विभाग का होना जरूरी होता है।
सरकार ने पीजीआई को एक और बड़ा झटका दे दिया है। अब मनोरोग विभाग पीजीआई का न होकर सीधे हेल्थ विवि से जुड़ गया है। नए संस्थान को लेकर चर्चाओं का दौर जारी है। वहीं, पीजीआई के एक विभाग को खत्म कर दूसरे संस्थान में शिफ्ट करने के मामले पर भी सवाल बना हुआ है। ये आदेश 3 मार्च को चिकित्सीय शिक्षा एवं अनुसंधान विभाग चंडीगढ़ के अतिरिक्त मुख्य सचिव डॉ. केके खंडेलवाल ने जारी किए थे।
आदेशों में इंस्टीट्यूट की देखरेख के लिए एक कमेटी का गठन भी किया गया है। इसमें चेयरमैन डीएमईआर के एडमिनिस्ट्रेटिव सेक्रेटरी, वायस चेयरमैन हेल्थ विवि के कुलपति को नियुक्त किया है। इसके सदस्य के रूप में पीजीआई निदेशक, डीजीएचएस, स्वास्थ्य विभाग के एडमिनिस्ट्रेटिव सेक्रेटरी शामिल किया गया है। कमेटी में इंस्टीट्यूट के निदेशक कम सीईओ को मेंबर सेक्रेटरी सदस्य नियुक्त किया गया है।
आर्थो इंस्टीट्यूट मंच तक रहा सीमित, मेंटल अस्पताल ने मारी बाजी
पीजीआई का आर्थो विभाग जहां सीएम मनोहर लाल खट्टर से एक अलग इंस्टीट्यूट बनाने की मांग को लेकर मंच तक सीमित रहा। वहीं, मेंटल अस्पताल इस दिशा में बाजी मार गया।
विभागाध्यक्ष पद के बाद चौधराहट का प्रयास
देश के शिक्षण संस्थानों में हेल्थ विश्वविद्यालय ही ऐसा संस्थान है, जहां विभागाध्यक्ष का पद रोटेशन नहीं होता। जब यह मामला उछला और इस पर स्वास्थ्य मंत्री अनिल विज ने संज्ञान लिया तो इसी की बैठक से पहले ही अपने-अपने विभागों को अलग इंस्टीट्यूट बनाने का दांव खेल दिया गया।
डॉ. राजीव गुप्ता बनेंगे डायरेक्टर कम सीईओ
मनोरोग विभाग के इंस्टीट्यूट ऑफ मेंटल हेल्थ बनाए जाने से डॉ. राजीव गुप्ता का पद अब डायरेक्टर कम सीईओ होगा। डॉ. गुप्ता अब संस्थान के प्रिंसिपल और निदेशक के पद से ऊपर होंगे। अब यह संस्थान पीजीआई से सीधा न जुड़कर पंडित बीडी शर्मा हेल्थ विवि से जुडे़गा।
आज होगी आधिकारिक घोषणा
इंस्टीट्यूट ऑफ मेंटल हेल्थ की आधिकारिक घोषणा शुक्रवार सुबह साढे़ 12 बजे की जाएगी। इस दौरान उठ रहे सभी सवालों के जवाब भी अधिकारी देंगे।