कर्मचारियों का कहना है कि वेतन नहीं मिलने से कर्मियों के लिए घर खर्च चलाना मुश्किल हो गया है। इनमें से काफी महिलाएं खुद अपने घर का खर्च उठाती हैं। इनके समक्ष परिवार के लालन पालन की बड़ी समस्या उत्पन्न हो गई है। वेतन नहीं मिलने से घर का किराया, बच्चो की स्कूल फीस व रोजमर्रा के काम अटक गए हैं।
रोहतक के वैश्य तकनीकी संस्थान के ठेका कर्मियों ने बुधवार को धरना देकर रोशन प्रकट किया। दिल्ली की निजी कंपनी के विभिन्न पदों पर तैनात कर्मचारियों को पिछले पांच माह से वेतन का इंतजार है।
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कर्मचारियों का कहना है कि वेतन नहीं मिलने से कर्मियों के लिए घर खर्च चलाना मुश्किल हो गया है। इनमें से काफी महिलाएं खुद अपने घर का खर्च उठाती हैं। इनके समक्ष परिवार के लालन पालन की बड़ी समस्या उत्पन्न हो गई है। वेतन नहीं मिलने से घर का किराया, बच्चो की स्कूल फीस व रोजमर्रा के काम अटक गए हैं।
अपने लंबित वेतन के लिए कर्मचारी ठेकेदार, संस्थान के प्रिंसिपल एवं वैश्य एजुकेशन सोसाइटी के पदाधिकारियों से भी मिल चुके है, लेकिन कोई समाधान नहीं हुआ है। कर्मचारियों की ओर से संस्थान को ज्ञापन भी दिया जा चूका है। इसमें कहा गया है कि अगर एक सप्ताह में बकाया वेतन नहीं मिला है तो सभी कर्मचारी पूर्ण रूप से अनिश्चित कालीन धरने पर बैठने को मजबूर होंगें I