फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Rohtak News: स्कूलों को मान्यता देने की मांग, शराब की बोतल, किताब और तिरंगा लेकर किया प्रदर्शन

Sun, 12 Mar 2023 02:10 AM IST
रोहतक ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, रोहतक
विज्ञापन
विज्ञापन
रोहतक । सरकार की तरफ से जारी 3200 अस्थायी और गैर मान्यता प्राप्त स्कूलों को नए सत्र से बंद करने का फरमान जारी किया गया है, जिसके खिलाफ स्कूल संचालकों के साथ नवीन जयहिंद ने विरोध प्रदर्शन किया। उन्होंने हाथों में शराब की बोतल, किताब व तिरंगा लेकर सरकार के खिलाफ नारेबाजी की और भाजपा प्रदेश कार्यालय के बाहर तहसीलदार मनोज कुमार के माध्यम से सरकार के नाम ज्ञापन सौंपा। साथ ही चेतावनी दी कि अगर सरकार ने अपना निर्णय नहीं बदला तो चंडीगढ़ में मुख्यमंत्री आवास का घेराव किया जाएगा।
विज्ञापन

इससे पूर्व प्रदेशभर के स्कूल संचालक मानसरोवर पार्क में एकत्रित हुए। इस दौरान जयहिंद ने कहा कि भाजपा ने अपने 2014 के चुनावी घोषणापत्र में कहा था कि सभी अस्थाई व गैर मान्यता प्राप्त स्कूलों को मान्यता दी जाएगी। लेकिन आज तक सरकार ने अपने चुनावी घोषणापत्र के एक भी वादे को पूरा नहीं किया है। एक तरफ तो सरकार रोजगार खत्म कर रही है, दूसरी तरफ 3200 स्कूलों को बंद करके 60 हजार शिक्षकों को बेरोजगार किया जा रहा है। इन स्कूलों में पढ़ रहे करीब 6 लाख बच्चों से शिक्षा का अधिकार छीना जा रहा है। जब शराब के ठेके खोलने की बात होती है तो सरकार पैसे लेकर तुरंत मान्यता दे देती है, लेकिन जहां किसी को रोजगार मिल रहा है, बच्चों का भविष्य बन रहा है, उन स्कूलों की मान्यता रद्द की जा रही है, जिसे बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने स्पष्ट कहा कि सरकार या तो स्कूलों को स्थायी मान्यता प्रदान करे या स्कूलों की जगह शराब का ठेका खोलने का लाइसेंस प्रदान करें।

तहसीलदार ने ज्ञापन और किताब तो ली, लेकिन शराब की बोतल लेने से कर दिया इन्कार
स्कूलों को स्थायी मान्यता देने की मांग को लेकर विरोध प्रदर्शन कर रहे स्कूल संचालकों ने हाथों में किताब के साथ शराब की बोतल भी पकड़ रखी थी। हुडा कांपलेक्स स्थित भाजपा प्रदेश कार्यालय के बाहर जब तहसीलदार मनोज कुमार ज्ञापन लेने आए तो प्रदर्शनकारियों ने उन्हें ज्ञापन, किताब व शराब की बोतल सरकार तक पहुंचाने की मांग की। ऐसे में तहसीलदार ने ज्ञापन व किताब तो ली, लेकिन शराब की बोतल लेने से इन्कार कर दिया। ऐसे में प्रदर्शनकारियों ने भाजपा कार्यालय के बाहर ही शराब की बोतल व हाथों में पकड़ीं तख्तियों को वहीं रखकर चले गए। इस दौरान अप्रिय स्थिति से निपटने काे पुलिस बल तैनात रहा।
विज्ञापन


मुख्यमंत्री से कई बार बात करने का प्रयास किया, लेकिन बात नहीं हुई : विजय
गांव टिटौली से आए मुख्यमंत्री मनोहर लाल के सहपाठी रहे विजय ने बताया कि कई बार स्कूलों की मान्यता को लेकर मुख्यमंत्री से बात करने की कोशिश की, लेकिन मुख्यमंत्री उनकी बात नहीं सुन रहे। आखिर में आंदोलन का रास्ता अपनाना पड़ा है। अब चाहे चंडीगढ़ जाकर प्रदर्शन करना हो या मरना पड़े, पीछे नहीं हटेंगे।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें