डेरा बाबा लक्ष्मणपुरी में नेशनल थैलेसीमिया सेमिनार और सम्मान समारोह में जनस्वास्थ्य मंत्री रणबीर गंगवा ने बतौर मुख्य अतिथि शिरकत की। हम और आप सोशल वेलफेयर सोसाइटी और रक्तगिरी फाउंडेशन की ओर से आयोजित सेमिनार में थैलेसीमिया के प्रति जन-जागरूकता फैलाना, इसके रोकथाम और उपचार पर चर्चा की।
कार्यक्रम में सरकार से थैलेसीमिया जांच अनिवार्य करने और इलाज निशुल्क करने की मांग उठाई। इस दिशा में उत्कृष्ट योगदान देने वाले सामाजिक कार्यकर्ताओं, चिकित्सकों, रक्तदाताओं एवं संस्थाओं को सम्मानित किया गया।
मुख्य अतिथि ने कहा कि थैलेसीमिया बीमारी से बचाव के लिए जागरूकता बेहद जरूरी है। इसके लिए सभी को मिलकर प्रयास करने होंगे। गर्भवती महिला की जांच से समय पर उसके शिशु का बीमारी पीड़ित होने का पता लगाया जा सकता है। इससे बीमारी आगे बढ़ने से रोकी जा सकेगी। साथ ही इस बीमारी की जांच अनिवार्य कराने व इलाज के संबंध में मुख्यमंत्री के समक्ष यह बात रखी जाएगी।
सेमिनार ने चिकित्सकों ने थैलेसीमिया से बचाव पर जोर देते हुए कहा कि इसके लिए बीमारी जांच कराना जरूरी है। समय रहते बीमारी का पता लगाकर इससे बचा जा सकता है। बीमारी होने पर केवल रक्त चढ़ाने के लिए कोई विकल्प नहीं रहता है। शादी से पहले व गर्भवती महिला की जांच जरूरी कराई जानी चाहिए। इससे बीमारी का पता लगने पर उचित कदम उठाया जा सकता है।
यहां थैलेसीमिया पीड़ितों, उनके परिजनों के अलावा चिकित्सा विशेषज्ञों व सामाजिक कार्यकर्ताओं ने थैलेसीमिया की रोकथाम, विवाहपूर्व स्क्रीनिंग, सामाजिक सहयोग और जन-जागरूकता के अहम विषयों पर अपने विचार प्रस्तुत किए।
सम्मेलन के विशिष्ट अतिथियों में पूर्व मंत्री मनीष ग्रोवर, स्वास्थ्य विज्ञान विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. एचके अग्रवाल, सिविल सर्जन डॉ. रमेश चंद्र आर्य, उद्योगपति राजेश जैन शामिल रहे। सोसाइटी के संस्थापक गुलशन निझावन ने आयोजन में योगदान दिया। इस मौके पर महामंडलेश्वर बाबा कपिलपुरी, महामंडलेश्वर डाॅ. परमानंद स्वामी, पूर्व मंत्री मनीष ग्रोवर, पूर्व मेयर मनमोहन गोयल आदि मौजूद रहे।