रोहतक। पीजीआई में 17 साल की एक नाबालिग गर्भवती की इलाज के दौरान मौत हो जाने पर उसका पति शव को लावारिस हाल में छोड़ भाग गया था। आरोपी पति का अब तक सुराग नहीं लग पाया है। दिल्ली पुलिस आरोपी की तलाश में जुटी हुई है। पुलिस की अलग-अलग टीमें मामले की छानबीन कर रही हैं। इसी कड़ी में दिल्ली पुलिस की एक टीम साक्ष्य जुटाने के लिए जल्द पीजीआई पहुंचेगी और यहां के सीसीटीवी कैमरों की जांच करेगी।
जानकारी के मुताबिक, नाबालिग लड़की पिछले एक साल से घर से लापता थी। परिजनों ने उसे तलाश भी किया, मगर कुछ पता नहीं लगा। इसके चलते परिजनों ने पुलिस को नाबालिग की गुमशुदगी की शिकायत दर्ज कराई। इसके बाद भी सुराग नहीं लगा। पीजीआई में लावारिस हालत में मिले नाबालिग के शव की शिनाख्त के लिए पीजीआई प्रशासन ने प्रयास किया तो एक पता सामने आया। संस्थान में दर्ज कराए गए पते के आधार पर पुलिस को सूचना दी गई। इसके बाद पुलिस ने पीजीआई में पहुंचकर शव का पोस्टमार्टम कराया और उसे नाबालिग के माता-पिता को सौंप दिया। पीजीआई के रिकॉर्ड के अनुसार, पुलिस नाबालिग के पति की पांच दिन से तलाश कर रही है।
पीजीआई ने बरती लारपवाही
दिल्ली के नांगलोई निवासी 17 साल की नाबालिग 15 अप्रैल को पीजीआई के गायनी विभाग में इलाज कराने पहुंची थी। यहां इलाज के दौरान 20 अप्रैल को नाबालिग की मौत हो गई थी। इसके बाद बिना पुलिस को सूचना दिए ही कथित पति को नाबालिग का शव सौंप दिया। अगले दिन न्यू ऑपरेशन थिएटर के पास आरोपी पति शव लावारिस हाल में छोड़कर भाग गया था। इसके बाद हरिओम सेवा दल के सहयोग से शव को शवगृह में रखवाया गया। स्थानीय पुलिस को सूचना दी गई। यही नहीं, पीजीआई के गायनी विभाग में भी लापरवाही बरते जाने की बात सामने आई है। इसकी जांच करना भी जरूरी है।
नाबालिग लड़की के परिजनों ने पिछले साल लापता होने की शिकायत दर्ज करवाई थी। पीजीआई में नाबालिग की मौत के बाद शव लावारिस हालत में मिलने की सूचना पर पुलिस मौके पर पहुंची थी। मामले की जांच के लिए पीजीआई के सीसीटीवी जांचे जाएंगे। इसके आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
- अंकित मान, एसआई, सुभाष प्लेस पुलिस स्टेशन, दिल्ली।