शहरवासियाें ने दीपदान और गणेश-लक्ष्मी का पूजन कर धूमधाम से दीपावली पर्व
मनाया। जहां लोगों ने शहर के मंदिरों और संतों के डेरों में दीपदान किया,
वहीं चौराहों और गुरुद्वारों में भी दीपदान किया गया। इसके अलावा कुछ लोगों
ने जरूरतमंदों की मदद कर दीप पर्व मनाया। शहर की सभी कालोनियां और मंदिर
रंग-बिरंगी लाइटों की रोशनी से नहाए नजर आए। घरों और मंदिरों में लगी
सजावटी लाइटें आर्कषण का केंद्र रहीं।
प्रदोष काल के समय महिलाओं ने अपने
घरों के बाहर रंगोली बनाई और गणेश-लक्ष्मी का विधि-विधान के साथ पूजन किया।
जागरूकता अभियान और पटाखा नहीं जलाने की शपथ को दरकिनार कर कुछ लोगों ने
आतिशबाजी भी की।
सैनी आनंदपुरा में यज्ञ
युवा जागृति मंच और आर्य
समाज की ओर से सैनी आनंदपुरा स्थित धर्मशाला में प्रदूषण मुक्त दीपावली
अभियान के तहत यज्ञ किया गया। इस छह कुंडीय यज्ञ में 25 यजमानों के साथ
सैकड़ों लोगों ने आहुति डाली। इसमें आचार्य हनुमत प्रसाद ने आतिशबाजी नहीं
करने का आह्वान किया। इस अवसर पर ब्रह्मचारी सत्यकाम, अंकुश आर्य, अनुज
आर्य, कृष्ण, कपिल, रोहित, आशीष आर्य और सत्यमित्र आर्य मौजूद रहे।
बोहर में रखी यज्ञशाला की नींव
बोहर
में बुजुर्गों और नौजवानों ने मिलकर प्रदूषण को रोकने के उद्देश्य से
यज्ञशाला की नींव रखी। इस दौरान सभी युवाओं ने संकल्प लिया कि हर साल
दीपावली पर पटाखे न जलाकर यज्ञशाला में यज्ञ करेंगे। साथ ही, दीपावली पर
100 वृक्ष भी लगाएंगे। इस दौरान महेंद्र और कृष्ण शास्त्री ने 51000 रुपये
की अलग-अलग राशि भी दान की। इस अवसर पर देवराज नांदल, मीर सिंह, शिशपाल
नांदल, चंचल नांदल, जय भगवान ठेकेदार, अजय आर्य, श्याम आर्य, मोहन आर्य और
वृंद नांदल मौजूद रहे।