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Rohtak News: सेवानिवृत्त अध्यापक को पेंशन राशि का भुगतान नहीं करने पर डीईईओ की गाड़ी जब्त

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कोर्ट परिसर के मालखाना के बाहर खडी डीईईओ की सरकारी गाड़ी । संवाद
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रोहतक। शिक्षा विभाग के एक सेवानिवृत्त अध्यापक को पेंशन राशि का भुगतान नहीं करना जिला मौलिक शिक्षा अधिकारी (डीईईओ) को महंगा पड़ा। सिविल जज अभिमन्यु राजपूत की अदालत ने वीरवार को शिक्षक के केस में सुनवाई करते हुए डीईईओ की गाड़ी जब्त कर ली। इसे पुलिस के मालखाना के बाहर खड़ा किया गया है। इस केस में अगली सुनवाई 19 मई को होगी।
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चाणक्यपुरी निवासी सूरत सिंह मलिक 2011 में सेवानिवृत्त हुए थे। कर्मचारी की सेवानिवृत्ति पर शिक्षा विभाग ने उसके पेंशन लाभ रोक दिए। इससे आहत होकर सेवानिवृत्त शिक्षक ने अदालत में गुहार लगाई। हाईकोर्ट ने केस की सुनवाई करते हुए फैसला शिक्षक के पक्ष में दिया। इसके बावजूद शिक्षा विभाग ने उसका पेंशन लाभ रोके रखा। काफी समय बाद शिक्षा विभाग ने सेवानिवृत्त शिक्षक को उसकी राशि अदा कर दी। जबकि इस दौरान पेंशन राशि का 3.20 लाख रुपये ब्याज बन गया। यह ब्याज नहीं मिलने पर फिर से अदालत में अपील की।
अधिवक्ता रजनीश सुंदरपुर ने बताया कि अदालत ने केस की सुनवाई करते हुए फिर से शिक्षक के पक्ष सुनाई करते हुए डीईईओ की गाड़ी जब्त करने के निर्देश दिए। इसके चलते अदालत की ओर से शिक्षा विभाग गए कर्मचारी अधिकारी से गाड़ी ले आए। इसे मालखाने के सुपुर्द कर दिया गया है। इससे सेवानिवृत्त कर्मचारी की राशि की भरपाई होने की उम्मीद है। ऐसा नहीं होने पर अदालत अगली कार्रवाई के आदेश देगी। इसके लिए शुक्रवार को केस सुनवाई के लिए रखा गया है।
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अदालत ने गाड़ी जब्त की है। यह वापस मिल जाएगी। जिस कर्मचारी का मामला है, उन्हें बकाया लाभ दिया जाएगा।
दिलजीत सिंह, जिला मौलिक शिक्षा अधिकारी।
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