हैदराबाद के बाद मंगलवार को अब रोहतक में शर्मसार करने वाली घटना सामने आई है। एक पिता ने अपनी नौ साल की बेटी से पहले दुष्कर्म किया, फिर नशीला पदार्थ खिलाकर फरार हो गया। मासूम की वारदात के करीब 19 घंटे बाद अस्पताल में मौत हो गई। पुलिस ने बच्ची के मां के बयान पर पिता के खिलाफ दुष्कर्म, हत्या व नशीला पदार्थ खिलाने और 4 व 6 पोक्सो एक्ट में केस दर्ज किया है।
एसपी राहुल शर्मा ने बताया कि बच्ची की मां ने बयान दर्ज कराए हैं कि वह मूलरूप से बिहार की रहने वाली है। कई वर्षों से रोहतक में परिवार सहित रह रही है। सात माह से उसका पति से झगड़ा चल रहा है। उसका पति उससे व बच्चों से मारपीट करता है। इसी से परेशान होकर वह अलग रहने लगी। इसके बाद चारों बच्चों को उसने अपने पास रख लिया। हालांकि, रात के समय पति बड़ी बेटी और छोटे बेटे को अपने साथ कमरे पर ले जाता था। सुबह दोनों बच्चों को पत्नी के पास छोड़ देता था। महिला ने पुलिस को बताया कि सोमवार सुबह उसने बेटी के कपड़ों को खून से सना देखा। साथ ही वह ठीक से चल-फिर भी नहीं पा रही थी। इसके बाद उसने बेटी से पूछा तो उसने पिता द्वारा गलत काम करने के बारे में बताया। कुछ देर बाद बेटी को उल्टियां होने लगीं तो मां ने इसके बारे में पूछा। इस पर बेटी ने बताया कि उसके पिता ने उसे चूर्ण जैसी कोई चीज खिलाई थी, तभी से उसे उल्टियां हो रही हैं। इसके बाद मां ने मामले की शिकायत पुलिस में की। पुलिस ने बच्ची को सिविल अस्पताल में भर्ती करवाया, जहां उपचार के दौरान उसकी मौत हो गई। सूचना मिलने पर डीएसपी मुख्यालय गोरखपाल राणा और सिटी थाना प्रभारी सिविल अस्पताल पहुंचकर बच्ची की मां से घटनाक्रम के बारे में जानकारी ली। वारदात के बाद से आरोपी फरार है।
पीड़ित लड़की को गंभीर अवस्था में जिला अस्पताल लाया गया था। उसे डॉक्टरों ने बचाने की पूरी कोशिश की लेकिन असफल रहे। वह जब आई होश में नहीं थी और पल्स भी काफी कम थी और उल्टी कर रही थी। लड़की का परीक्षण कराने के लिए मौके पर ऑन काल ड्यूटी पर तैनात महिला डॉक्टर को बुलाया गया था, लेकिन उसने पहले ही उसने दम तोड़ दिया। लड़की के शव को पुलिस को सौंप दिया गया है, बुधवार को पीजीआईएमएस में उसका पोस्टमार्टम होगा। अब इस मामले में पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही कुछ कहा जा सकेगा।
- डॉ. रमेश चंद्र, चिकित्सा अधीक्षक, जिला अस्पताल
पुलिस ने महिला के बयान पर उसके पति के खिलाफ आईपीसी की धारा 302, 376, 328 व 4 व 6 पोस्को एक्ट के तहत केस दर्ज किया है। बच्ची के शव को पीजीआई के डेड हाउस में रखवाया गया है, जिसका बुधवार को पोस्टमार्टम कराया जाएगा।
- गोरखपाल राणा, डीएसपी मुख्यालय
मौत से 28 घंटे पहले मासूम ने छोड़ा था खाना पीना, लगातार कर रही थी उल्टियां
बेटी के शव को देखकर रोते हुए मां बोली- मुझे समझने वाली मेरी समझदार बेटी भी छोड़कर चली गई
जिला अस्पताल में बेटी के शव को देख, मां फूट-फूट कर रोने लगी। रोती बिलखती मां अपनी बेटी के शव से लिपट गई और बोली कि मुझे समझने वाली मेरी समझदार बेटी भी छोड़कर चली गई। पति से अलग रहने के बाद बड़ी बेटी ही थी, जिसे वह अपनी अधिकतर बातें बताया करती थी। बेटी की हत्या करने का आरोपी और कोई नहीं, उसका पिता ही है, ये कहते हुए महिला कई बार बेसुध हुई। बेटी को सफेद कपड़े में लिपटा देख मां ने अपनी शॉल उतार कर उसे ढका और बोली कि मेरी बेटी को मेरा ही कपड़ा उड़ा कर पीजीआई तक ले जाया जाए। एंबुलेंस में बैठकर मां अपनी बेटी के शव के साथ पीजीआई शवगृह तक गई। इसके बाद उसने पुलिस को अपने बयान दर्ज करवाए।
मृतका की मां ने बताया कि उसकी 9 साल की बड़ी बेटी दूसरी कक्षा में पढ़ती थी। सोमवार को स्कूल से लौटने को बाद दोपहर डेढ़ बजे उसने खाना खाया था। इसके बाद से उसने कुछ भी नहीं खाया-पिया। शाम को उसे उल्टियां शुरू हुई, जो रात भर जारी रही। सुबह मां उसे अस्पताल ले जाने लगी, लेकिन बेटी से चला तक नहीं गया। मां गोद में बेटी को निजी अस्पताल ले गई। निजी अस्पताल से मां ने पुलिस को सूचना दी। सूचना मिलते ही दोपहर डेढ़ बजे पुलिस अस्पताल पहुंची और बच्ची को बेहोशी की हालत में जिला अस्पताल ले जाया गया। जहां उपचार के दौरान शाम करीब 5 बजे उसने दम तोड़ दिया। शाम 5:24 बजे मां को बेटी की मौत का पता चला।
12 साल तक की बच्ची से दुष्कर्म और हत्या के मामले में फांसी की सजा का प्रावधान
वकील पीयूष गक्खड़ ने बताया कि किसी भी तरह के जघन्य अपराध में कानून में सख्त सजा का प्रावधान है। 12 साल तक की बच्ची से दुष्कर्म और हत्या करने के मामले में अपराधी को फांसी की सजा दी जा सकती है। मामले की सुनवाई भी फास्ट ट्रैक कोर्ट में हो सकती है। रोहतक में नेपाली युवती हत्याकांड में 7 दोषियों को फांसी की सजा सुनाई गई थी। इसी तरह 9 साल की बच्ची से दुष्कर्म और दुष्कर्म के बाद हत्या भी जघन्य अपराध की श्रेणी में आता है।