साउथ एशियन गेम्स में रोहतक के योगेश सिंह ने निशानेबाजी में गोल्ड पर निशाना साधा है। सैग में भारतीय टीम ने मंगलवार को कुल 27 पदक जीते, जिसमें निशानेबाजों ने 9 पदक भारत की झोली में डाले। इन्हीं में गांव कथूरा हाल रोहतक के सेक्टर-चार निवासी योेगेश सिंह ने 25 मीटर सेंटर फायर पिस्टल में 600 में से 582 अंक लेकर स्वर्ण और टीम गेम में रजत पदक जीतकर देश का नाम रोशन किया।
योगेश ने अमर उजाला से बातचीत में बताया कि इस स्पर्धा में साउथ के सभी सात देशों के खिलाड़ी हिस्सा ले रहे थे। उन्होंने नवंबर में हुई एशियन चैंपियनशिप में कांस्य पदक जीता था। उसी समय मन में ठान लिया था कि अगली अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिता में भारत को गोल्ड दिलाना है। हालांकि टीम गेम में भारत दस प्वांट से गोल्ड से चूक गया।
घर में खुशी का माहौल
योगेश के भाई सागर नरवाल ने बताया कि योगेश का जैसे ही मैसेज आया कि उन्होंने गोल्ड व सिल्वर मेडल जीता है, तो परिवार में खुशी की लहर दौड़ गई। परिवार वालों ने योगेश के स्वागत के लिए भी तैयारियां शुरू कर दी है। वह शायद 6 दिसंबर को भारत लौटेंगे तो तब योेगेश का स्वागत किया जाएगा। योगेश के पिता बलवान सिंह रिटायर्ड हेल्थ इंस्पेक्टर और माता कांता हाउस वाइफ है। योगेश स्वयं भारतीय नेवी में कार्यरत है।
2006 में शुरू की थी निशानेबाजी
योगेश ने बताया कि उन्होंने 2006 में निशानेबाजी की शुरुआत की थी। तक से लेकर उन्होंने पीछे मुड़कर नहीं देखा। उन्होंने 2006 से 2019 तक लगातार नेशनल में हिस्सा लिया है और नेशनल स्तर पर करीब 30 मेडल जीत चुके हैं। 2015 में उन्होंने वर्ल्ड मिलिट्री गेम्स में चौथा स्थान हासिल किया था। इसके बाद इसी वर्ष 4 से 13 नवंबर तक में दोहा कतर में आयोजित एशियन चैंपियनशिप में कांस्य जीता था, जिसके बाद अब उन्होंने अपना पहला अंतरराष्ट्रीय स्तर गोल्ड और सिल्वर जीता है।
यह रहे प्रतियोगिता के परिणाम
एकल में योगेश ने 600 में 582 लेकर स्वर्ण, भारत के ही गुरप्रीत सिंह 580 अंकों के साथ रजत और पाकिस्तान के खलील अहमद ने 542 अंक प्राप्त किए। वहीं टीम गेम में पाकिस्तान ने 1714, भारत के गुरप्रीत, संजीव और योगेश ने 1704 और श्री लंका ने 1621 अंक प्राप्त किए है।