आईआईएम मैराथन में पहुंचे द्रोणाचार्य अवाड़ीर् महावीर और पहलवान गीता फौगाट ने बयां किए जिंदगी के अनुभव
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द्रोणाचार्य अवाड़ीर् महावीर फौगाट ने कहा कि जिस समय बेटियों को पहलवान बनाने की राह पर लेकर चला था उस समय समाज के साथ मां-बाप ने भी विरोध किया। सभी कहते थे, महावीर बेटियों को घरों में रहना चाहिए। मैंने किसी की नहीं मानी। आज मेरी बेटियों ने कड़ी मेहनत के दम पर साबित कर दिया कि बेटियां किसी से कम नहीं। रविवार को द्रोणाचार्य अवाड़ीर् महावीर फौगाट आईआईएम की मिनी मैराथन के दौरान मीडिया से रू-ब-रू हुए। उन्होंने कहा कि मेरा लक्ष्य अभी पूरा नहीं हुआ है। 2020 के ओलंपिक में बेटियों को देश का नाम रोशन करना है। इसी लक्ष्य के साथ अभी भी मैदान में डटा हुआ हूं। खुद की बेटियों के साथ दूसरी बेटियों के मार्गदर्शन के लिए जब उनसे पूछा गया तो उन्होंने कहा कि बेटियां-बेटियां होती है वह अपनी या पराई नहीं। अपनी बेटियों के साथ-साथ वह पांच-छह अन्य बेटियों को भी दांव-पेंच सीखा रहे हैं। जल्दी ही उनकी मेहनत का परिणाम देशवासियों के सामने होगा।
शादी के बाद भी कॅरियर जारी रहेगा : गीता फौगाट
प्रेस वार्ता के दौरान पहलवान गीता फौगाट ने कहा कि बेटे-बेटियों में फर्क नहीं समझना चाहिए। समाज में बदलाव दिख रहा है। हालांकि अभी और अधिक जरूरत है। जिस तरह मेरे पापा ने गुरु बनकर हम बेटियों को इस मुकाम तक पहुंचाया, इससे दूसरों को भी प्रेरणा लेनी चाहिए। समाज में बेटियों को आगे बढ़ने का पूरा मौका दिया जाए। शादी के सवाल पर उन्होंने कहा कि भले ही जीवन साथी चुन लिया हो, लेकिन शादी के बाद भी कॅरियर जारी रहेगा। 2018 और 2020 में होने खेलों में पदक जीतकर देश का नाम रोशन करना है। अपने और अपनी बहनों पर बनाई गई फिल्म ‘दंगल’ पर उन्होंने कहा कि फिल्म अभिनेता आमिर खान अच्छे इंसान है। वह शादी में जरूर आएंगे।