रोहतक। सेक्टर-4 की रहने वाली शालू किराड़ ने हरियाणवी लोक नृत्य में जिम्नास्टिक का अनोखा तड़का लगाकर अपनी अलग पहचान बनाई है। अंतरराष्ट्रीय डांस दिवस के अवसर पर उन्होंने कहा कि अब उनका लक्ष्य हरियाणवी संस्कृति को वैश्विक मंच तक पहुंचाना है।
शालू ने बताया कि उन्हें बचपन से ही डांस का शौक था। स्कूल के समय वह वेस्टर्न फ्रीस्टाइल डांस करती थीं लेकिन कॉलेज पहुंचने के बाद हरियाणवी पारंपरिक नृत्य की ओर रुझान बढ़ा।
महारानी किशोरी जाट कन्या महाविद्यालय (एमकेजेके) रोहतक में पढ़ाई के दौरान शुरुआत में उन्होंने प्रतियोगिताओं में हिस्सा नहीं लिया। वहीं बाद में वर्कशॉप्स और यूथ फेस्टिवल में भाग लेकर सोलो और ग्रुप डांस में पहला स्थान हासिल किया।
हरियाणवी डांस सीखना उनके लिए आसान नहीं था। शुरुआत में उनके स्टेप्स सही नहीं बैठते थे लेकिन गुरु संदीप यादव के मार्गदर्शन और लगातार अभ्यास से उन्होंने कमियों को दूर किया। शालू ने बताया कि सही ट्रेनिंग और धैर्य ही सफलता की कुंजी है।
डांस सीखने के दौरान जब उन्होंने यूट्यूब पर कंटेंट देखा तो उन्हें हरियाणवी संस्कृति को कई जगह गलत तरीके से प्रस्तुत किया जाता नजर आया। इससे उन्होंने ठान लिया कि वह लोक वेशभूषा और पारंपरिक नृत्य को सही तरीके से पेश करेंगी ताकि नई पीढ़ी सही सीख सके।
दामण में स्टंट से मिली अलग पहचान
डांस में जिम्नास्टिक जोड़ने का विचार एक स्टूडियो सेशन के दौरान आया जब उनके मंगेतर अमित ने दामण पहनकर फ्लिप करने की सलाह दी। इसके बाद उन्होंने वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर डाला तो तेजी से वायरल हो गया। दामण, चुंदड़ी और पारंपरिक गहनों में स्टंट करना उनकी खास पहचान बन गया।
अब लक्ष्य-हरियाणवी संस्कृति को ग्लोबल पहचान
शालू का कहना है कि आज के दौर में मोबाइल पर हरियाणवी डांस को गलत तरीके से दिखाया जा रहा है जिसे सुधारना जरूरी है। वह अपने वीडियो के जरिए असली फोक डांस को बढ़ावा दे रही हैं। अब उनका सपना है कि हरियाणवी नृत्य को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाई जाए और दुनिया तक इसकी असली छवि पहुंचे।
शालू किराड़ की उपलब्धियां
जिम्नास्टिक में नेशनल गोल्ड मेडलिस्ट शालू किराड़ इंडिया गोट टैलेंट सीजन नौ की विजेता हैं। सोशल मीडिया पर उनकी मजबूत पहचान है। यूट्यूब पर 1.2 करोड़, इंस्टाग्राम पर 19 लाख और फेसबुक पर 57 लाख फॉलोअर्स हैं। वह देशभर में 20 से अधिक डांस प्रतियोगिताएं जीत चुकी हैं। वर्तमान में इन्फ्लुएंसर व स्टेज परफॉर्मर के रूप में सक्रिय हैं। साथ ही रोहतक में एस स्टूडियो की डायरेक्टर के रूप में नए कलाकारों को प्रशिक्षण दे रही हैं।