रोहतक। कई साल से डेयरियों के कारण शहर की सफाई व्यवस्था बदहाल है। शहर में असंख्य डेयरी संचालित हो रही हैं। इनसे निकलने वाले गोबर से शहर की कॉलोनियाें व मुख्य मार्गों का बुरा हाल है। लोग परेशान हैं। सरकार और सत्ता बदलने के वर्षों बाद भी इसका ठोस समाधान नहीं हो पाया है।
दुर्गा भवन स्थित डेयरी मोहल्ले, पीर कॉलोनी, कच्चा बेरी रोड, मालगोदाम रोड सहित कई इलाकों में डेयरी चल रही है। इनसे निकलने वाले गोबर को पानी डालकर नालियों को बहाया जाता है। सीवर लाइन और नालियां ब्लाॅक हो जाती हैं। इस समस्या से निजात दिलाने के लिए वर्ष-2001 में चौटाला सरकार ने करोड़ रुपयों से कन्हेली रोड स्थित डेयरी शिफ्ट करने की योजना बनाई थी। कन्हेली में वर्ष-2004 में डेयरी कॉम्पलेक्स शुरू हुआ। इसके बाद दुर्गा भवन स्थित डेयरी मोहल्ले के संचालकों ने स्थानांतरण शुरू किया। अब तक महज 100 के करीब डेयरी संचालकों ने ही स्थानांतरण किया। 20 वर्ष बाद 70 प्रतिशत डेयरी की जगह खाली है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि इसका मुख्य कारण सुविधाओं का टोटा है। सुरेंद्र व बलवान ने बताया कि कन्हेली रोड स्थित डेयरी कॉम्प्लेक्स में कई वर्ष बाद भी पशुओं के लिए चिकित्सा सुविधा, आहार, कच्ची गलियों का सुधार, बेहतर निकासी व पानी की व्यवस्था जैसी राहत नहीं मिली पाई है। शहर की कॉलोनियों में बनी डेयरी से साधारण दिनों में तो बुरा हाल रहता है साथ ही, बारिश के समय भी गलियों से निकलना भी दूभर हो जाता है।
मालगोदाम रोड और डेयरी मोहल्ले में बुरा हाल
मालगोदाम रोड और दुर्गा भवन स्थित डेयरी मोहल्ले का बुरा हाल है। पवन, राजेश, संजय, अनुराग, बदन सिंह, रमेश कुमार, राजेश अश्विनी आदि ने बताया कि गलियों स्थित बिल्कुल ठीक नहीं है। मालगोदाम रोड पर गलियों में गोबर बहता रहता है, सीवर ओवरफ्लो हैं व नालियां ब्लाॅक है। आने जाने का रास्ता भी प्रभावित रहता है।
कन्हेली रोड पर स्थित डेयरी कॉम्लेक्स के लिए वर्ष-2019 में करीब 12 करोड़ रुपये की मंजूरी हुई है। न कोई राशि मिली और न कोई डेयरी कॉम्प्लेक्स के हालात में सुधार हुआ। कन्हेली रोड स्थित डेयरी कॉम्प्लेक्स में सुविधाएं बढ़नी चाहिए।
- सूरजमल किलोई, पूर्व पार्षद एवं मेयर प्रत्याशी।
डेयरी संचालक गोबर को नालियों और सीवर में बहाते हैं तो उनको नोटिस देकर चालान काटने की कार्रवाई की जाएगी। साथ ही, जो डेयरी संचालक कन्हेली रोड स्थित डेयरी कॉम्प्लेक्स में शिफ्ट नहीं होते, उनसे इसका कारण जाना जाएगा।
नमिता कुमारी, संयुक्त आयुक्त, नगर निगम।
डेयरियों से निकलने वाला गोबर सीवर लाइन में मिल रहा है। इससे सीवर लाइन ब्लाॅक की समस्या आती है। कई बार ऐसी शिकायतें मिली हैं। संबंधित डेयरी संचालकों को गोबर नालियों और सीवर लाइन में न बहाने की अपील की है।
- बलविंद्र नैन, एक्सईन, जनस्वास्थ्य विभाग।
28सीटीके39 माल गोदाम रोड स्थित डेयरी मौहल्ले में गोबर डालने से हुआ बुरा हाल। संवाद
28सीटीके39 माल गोदाम रोड स्थित डेयरी मौहल्ले में गोबर डालने से हुआ बुरा हाल। संवाद