रोहतक। रोहतक अनाज मंडी में किसानों की परेशानी कम होने का नाम नहीं ले रही। किसान सरसों बेचने के लिए आ हरे है, लेकिन मेरी फसल मेरा ब्योरा पोर्टल पर डाटा वेरिफाई नहीं होने के कारण परेशान होना पड़ रहा है।
पटवारी के चक्कर काटने पड़ रहे हैं। पटवारी मौके पर नहीं मिलने के कारण मजबूरी में सरसों को दो सौ से तीन सौ रुपये कम दामों में प्राइवेट बेचना पड़ रहा है। किसानों की समस्या जानने के लिए शुक्रवार को जिला धीरेंद्र खड़गटा ने रोहतक मंडी का दौरा किया। उन्होंने अधिकारियों को मंडी में साफ-सफाई बनाए रखने और किसानों की समस्या का जल्द समाधान करने के निर्देश दिए। मंडी में सरसों के साथ जौ भी पहुंचने लगी है। सरकारी खरीद शुरू नहीं होने के कारण किसान जौ को बेच रहे हैं।
जिले की अनाज मंडियों में शुक्रवार को 10700 क्विंटल सरसों की आवक व 10500 क्विंटल की खरीद हुई। जिले की मंडियों में 10860 क्विंटल का उठान किया गया। महम मंडी में 4000 क्विंटल सरसों की आवक व 4270 क्विंटल की खरीद हुई। सांपला मंडी में 1990 क्विंटल की आवक व 2110 क्विंटल की खरीद की गई है। कलानौर मंडी में 4210 क्विंटल सरसों की आवक व 3750 क्विंटल की खरीद हुई। रोहतक अनाज मंडी में 480 क्विंटल सरसों की आवक व 370 क्विंटल का उठान किया गया।
सरसों और गेहूं की 17 एकड़ जमीन का ब्योरा मेरी फसल मेरा ब्योरा पोर्टल पर पंजीकरण करवाया गया था, लेकिन पांच एकड़ सरसों ही वेरिफाई की गई है। बाकी सरसों और गेहूं का डाटा वेरिफाई नहीं किया गया है। डाटा वेरिफाई करवाने के लिए पटवारी फोन नहीं उठा रहा। रामफूल किसान, ककराना सरसों की आठ एकड़ फसल के लिए पंजीकरण करवाया गया था। लेकिन चार एकड़ को ही वेरिफाई किया गया है। अब बाकी कम दामों पर फसल बेचनी पड़ रही है, किसानों की समस्या का कोई समाधान नहीं किया जा रहा। संदीप, किसान ककराना
मंडी में फसल बेचने के लिए आ रहे किसानों को किसी प्रकार की असुविधा ना हो इसका ध्यान रखा जा रहा है। आने वाले दिनों में मंडी में सरसों की आवक बढ़ेगी।
- धर्मेंद, डीएम, हैफेड, रोहतक
फोटो-28सीटीके55 मंडी में ट्राॅली से सरसों उतारते हुए। संवाद