मौत की सेल्फी। जी हां, फंदे पर लटकने से पहले सेल्फी। खुदकुशी को किया
कैमरे में कैद। बेटी का जन्मदिन मनाने सोनीपत से रोहतक अपनी ससुराल में आए
युवक ने अजीबोगरीब तरीके से फंदा लगा लिया। गले में फंदा डाल कर पहले
सेल्फी ली और फिर फंदे से लटक गया।
युवक की आखिरी सेल्फी मौत के सन्नाटे
में शोर मचा रही है। हालांकि पुलिस खामोश है, लेकिन मामला पेचीदा हो गया
है। पुलिस तस्दीक कर रही है कि मोबाइल फोन में मिली फोटो सेल्फी ही है या
किसी और ने खींची?
मृतक के परिजनों के मुताबिक सुशील सोनीपत में साइबर
कैफे चलाता था।
बुधवार को सुशील रोहतक के सेक्टर एक के पास हाउसिंग बोर्ड
स्थित अपनी ससुराल आया था। कहकर गया था कि बेटी का चौथा जन्मदिन धूमधाम से
मनाऊंगा और रात को ससुराल में ही रुक जाऊंगा। आत्महत्या का पता बृहस्पतिवार
शाम साढ़े चार बजे तब चला, जब उसके ससुर ऊपर कमरे में सुशील के पास गए।
काफी कोशिशों के बाद भी जब अंदर से बंद दरवाजा नहीं खुला तो सांपला निवासी
सुशील के रिश्तेदार को फोन किया गया। रिश्तेदार के मौके पर पहुंचने पर ईंट
मारकर दरवाजा तोड़ा गया। अंदर देखा तो सुशील का शव फंदे पर झूल रहा था।
सोनीपत में उसके पिता और भाई को खबर दी गई। अर्बन एस्टेट पुलिस और एफएसएल
टीम मौके पर पहुंची।
मौत के सन्नाटे में शोर मचाते सवाल
सबसे पहला
सवाल सामने आया कि सुशील के मोबाइल कहां गए? एक परिजन ने बताया कि उसके पास
दो मोबाइल थे। पता चला एक मोबाइल उसके पत्नी के पास है। पत्नी के पास
सुशील का मोबाइल होने का पता चलने के बाद भी मोबाइल पुलिस तक पहुंचने में
15 मिनट का समय लग गया।
बदल गया मौत का वक्त भी
बड़ा खुलासा मोबाइल
फोन मिलने के बाद हुआ। जब सुशील का मोबाइल पुलिस के हाथ आया और उसकी जांच
की गई तो गैलरी में एक फोटो ने आत्महत्या के वक्त के सारे दावों को ही पलट
दिया। मोबाइल में एक फोटो मिली, जिसमें सुशील खुद को फंदा लगा रहा है।
फोटो
की स्थिति देखकर परिजनों और पुलिसकर्मियों ने कहा यह तो सेल्फी है। यानी
सुशील ने अपनी मौत से पहले सेल्फी ली और इसके बाद फंदे पर लटक गया।
चाैंकाने वाली बात ये है कि सेल्फी पर जो वक्त दर्शाया गया वह बुधवार रात
दस बजे का है।
इससे अचानक परिजनों के साथ पुलिस के भी होश उड़ गए और सुशील
के भाई ने कई सवाल उठा दिए। सवाल ये भी उठाया कि जब सेल्फी ली है और दरवाजा
अंदर से बंद था तो फोन नीचे कैसे चला गया?
एफएसएल टीम को दोबारा बुलाने की मांग
मोबाइल
फोन में ‘मौत की सेल्फी’ मिलने के बाद सवाल तो खड़े हुए, लेकिन तभी किसी
की नजर कमरे के दूसरे दरवाजे पर पड़ी। वहां देखा तो दरवाजे की सांकल के
पेंच खुले हुए मिले।
इससे मामला और पेचीदा हो गया और परिजनों ने एफएसएल टीम
को दोबारा बुलाने की मांग की। सुशील के चचेरे भाई एडवोकेटट सुनील ने
एफएसएल टीम को बुलाने के लिए पुलिसकर्मियों से कहा। बाद में टीम पहुंची भी
और बारीकी से जांच की। शव को पोस्टमार्टम के लिए पीजीआई डेड हाउस भेज दिया
गया है।