हरियाणा के रोहतक में पांच साल पहले मध्य प्रदेश की महिला खिलाड़ी को नशीला पदार्थ देकर दुष्कर्म करने के आरोपी वेटलिफ्टिंग कोच भगत सिंह को अदालत ने सोमवार को दोषी करार दिया। एएसजे डॉक्टर गगनगीत कौर की अदालत ने उसे 10 साल कैद और 20 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है। जुर्माना न भरने पर दोषी को एक साल की अतिरिक्त सजा भुगतनी पड़ेगी।
जून 2018 में मध्य प्रदेश के भोपाल की एक युवती ने अर्बन एस्टेट थाने में शिकायत दी थी कि वह 2016 में जबलपुर गई थी जहां सोनीपत जिले के गांव माहरा निवासी भगत सिंह से मुलाकात हुई। भगत सिंह वेटलिफ्टिंग का कोच था। इसके बाद दोनों के बीच फोन पर बात होने लगी। मई 2018 में वह मध्य प्रदेश से रोहतक आ गई। आरोपी ने उसका होटल में पांच दिन के लिए कमरा बुक करवा दिया।
इस दौरान उसके साथ दुष्कर्म किया। बोला कि तुझे पत्नी की तरह रखूंगा। इसका पता उसके पति व परिजनों को लग गया। इसके चलते पति ने तलाक दे दिया। इसके बाद उसे गुरुग्राम व हरिद्वार लेकर गया। वहां से वापस रोहतक ले आया। बस स्टैंड के पास एक होटल में रखा और उसके साथ दुष्कर्म किया। इसके बाद झांसा देकर मध्य प्रदेश के लिए ट्रेन में बैठा दिया।
घर से वापस आकर खिलाड़ी ने अर्बन एस्टेट थाने में आरोपी कोच भगत सिंह के खिलाफ आईपीसी की धारा 328 व 376 के तहत केस दर्ज किया गया तभी से जिला अदालत में आरोपी के खिलाफ केस चल रहा था।
सोमवार को कोर्ट ने आरोपी कोच को दोषी करार देते हुए नशीला पदार्थ देने व दुष्कर्म करने पर 10-10 साल की कैद व 10-10 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई। जुर्माना न भरने पर छह-छह माह की अतिरिक्त सजा भुगतनी पड़ेगी। दोनों सजा एक साथ चलेंगी।
फरवरी 2021 में हो चुकी है महिला खिलाड़ी की हत्या, कोच ही है आरोपी
पीड़ित महिला खिलाड़ी की फरवरी 2021 में हत्या हो चुकी है। उसका शव 18 फरवरी को गांव धामड़ में जवाहर लाल नेहरू (जेएलएन) नहर की बीच वाली पटरी पर किलोई-रिठाल वाली पुलिया के बीच में मिला था। मामले में पुलिस ने आरोपी कोच भगत सिंह को गिरफ्तार किया था। हत्या का केस अभी अदालत में चल रहा है।