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पूर्व सुरक्षागार्ड ने ही भेदा सुरक्षाकवच, मास्टरमाइंड सहित दो गिरफ्तार

Tue, 02 Feb 2016 02:34 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, रोहतक
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रोहतक। करीब दो माह पहले पीजीआई के परीक्षा विभाग की गोपनीय शाखा की सुरक्षा में सेंध लगाकर आंसर शीट चुराने वाले मास्टरमाइंड तक पुलिस पहुंच गई है। पुलिस ने दो और लोगों को गिरफ्तार कर लिया है। इस मामले में एक आरोपी को कुछ दिन पहले ही गिरफ्तार किया था। खास बात यह है कि मास्टरमाइंड कहे जाने वाला जसवंत एमडीयू का पुराना सुरक्षा गार्ड रहा है।
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इससे पहले एमडीयू आंसर शीट मामले में भी उसे गिरफ्तार किया गया था। इन दो गिरफ्तारियों से एसआईटी की जांच तो आगे बढ़ी है लेकिन साथ ही कुछ सवाल भी उठने लगे हैं कि चोरी मामले में अंदर केव्यक्तियों की भूमिका का खुलासा क्यों नहीं किया जा रहा है? दिलचस्प बात यह भी है कि दो गिरफ्तारियों की सूचना पीजीआई प्रबंधन को अभी तक नहीं है।

पीजीआई की गोपनीय शाखा से आंसरशीट चोरी होने के मामले में एसआईटी ने रविवार रात को दो और लोगों को गिरफ्तार किया। गौरतलब है कि इस मामले में कुछ दिन पहले विकास नाम केव्यक्ति को गिरफ्तार किया गया था। पुलिस केमुताबिक विकास इस मामले में मास्टरमाइंड रहा है। रविवार रात को जिन दो लोगों को गिरफ्तार किया गया हैं। उनमें एमडीयू का एक पूर्व सुरक्षा गार्ड आदर्श नगर निवासी जसवंत और प्लंबर का काम करने वाले जयबीर उर्फ साई शामिल है।
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पुलिस का दावा है कि विकास के साथ जसवंत भी आंसरशीट चुराने के षड़यंत्र का मास्टर माइंड है। पुलिस ने दोनों को अदालत में पेश किया जहां से जयबीर उर्फ साई को जेल भेज दिया गया। जबकि मास्टर माइंड जसवंत को दो दिन की रिमांड पर भेजा गया है।

एमडीयू में था सुरक्षा गार्ड
एसआईटी टीम के सदस्य और पीजीआई थाना एसएचओ नरेंद्र कुमार के मुताबिक जब यह विभाग एमडीयू की देखरेख में था। उस वक्त जसवंत एमडीयू में गार्ड था। एसएचओ ने बताया कि एमडीयू केबहुचर्चित आंसर-शीट मामले में भी जसवंत शामिल रहा था और उसे जेल भेजा गया था।

पूछताछ में आया नाम सामने
पुलिस सूत्रों ने बताया कि कुछ दिन पहले इस मामले में विकास को गिरफ्तार किया गया था। उससे पूछताछ केदौरान जसवंत और जयबीर का नाम सामने आया था।

एसआईटी पहुंची पीजीआई
मास्टर माइंड सहित दो की गिरफ्तारी के बाद सोमवार को एसआईटी पीजीआई केपरीक्षा विभाग में फिर गई। सूत्रों ने बताया कि एसआईटी इंचार्ज डीएसपी डॉ. रविंद्र, एसएचओ पीजीआई थाना नरेंद्रपाल सहित कई पुलिसकर्मी परीक्षा विभाग में गए थे। यहां पुलिसकर्मियों ने एक बार फिर अधिकारियों और कर्मचारियों से पूछताछ की। सूत्रों ने बताया कि पुलिसकर्मियों ने अधिकारियों को भी गिरफ्तारी के बारे में अभी सूचना नहीं दी है।

यह था मामला
29 नवंबर की रात को परीक्षा भवन की गोपनीय शाखा का ताला तोड़ कर आंसरशीट चुराई गई थी। अधिकारियों को अगले दिन जब इसका पता चला तो मौके पर गए। गोपनीय शाखा के दरवाजे की कुंडी और आलमारी की नकुचें टूटे हुए मिले थे। जब पड़ताल की गई तो सामने आया था कि बीफार्मा, एमफार्मा और बीडीएस की बगैर जांची गई आंसरशीट चोरी हुई है।

हालांकि अगले दिन वहां 16 आंसरशीट कमरे में बिखरी हुई मिली थी। इसके बाद पीजीआई प्रबंधन ने पुलिस को सूचना दी थी। पीजीआईएमएस थाना पुलिस ने मामले की छानबीन शुरू की थी। उस वक्त यह बात जोर शोर से उठी थी कि किसी अंदर वाले व्यक्ति का ही मिलीभगत के चलते आंसरशीट चोरी हुई है। ऐसे में करीब पांच दिन बाद हेल्थ यूनिवर्सिटी प्रशासन ने एआर डॉ. बीआर शर्मा और एक महिला कर्मचारी को वहां से हटा दिया था। दोनों के विभाग बदल दिए गए।

इसी बीच कुलपति डॉ. ओपी कालरा ने एसपी को पत्र लिख कर एसआईटी का गठन करने की मांग की थी। तब डीएसपी हेडक्वार्टर बिजेंद्र सिंह केनेतृत्व में एसआईटी का गठन किया गया था। हालांकि बाद में उनकी जगह यह जिम्मेदारी डीएसपी डॉ. रविंद्र को सौंप दी गई थी।

इनका कहना है
रविवार को दो व्यक्तियों को गिरफ्तार किया गया है। इनमें से जसवंत मास्टर है। उसे दो दिन के रिमांड पर लिया गया है। जबकि जयबीर को जेल भेज दिया गया है। इस मामले में जांच लगातार जारी है। जल्द ही इस मामले का पूरा खुलासा कर दिया जाएगा।
नरेंद्रपाल, एसएचओ, पीजीआईएमएस
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पुलिस जांच के सिलसिले में आती रहती है। सोमवार को भी आई थी। पूछताछ करके लौट गई। इस मामले में क्या कार्रवाई हुई या हो रही है। इस बारे में हमें कोई जानकारी नहीं है। अब पुलिस ही जानकारी दे सकती है।
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डॉ. संजीव कुमार, परीक्षा नियंत्रक हेल्थ यूनिवर्सिटी, रोहतक।
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