तीन युवकों ने खुद को पिज्जा बर्गर सप्लाई करने वाले बताकर चाचा के एक्सीडेंट के नाम पर पहले बहादुरगढ़ से महम के लिए इको वैन किराये पर ली। रोहतक शहर से बाहर बहुअकबरपुर थाने से दो किलोमीटर पहले वैन, 2 हजार की नकदी व मोबाइल फोन छीना और हाथ-पैर बांधकर ड्राइवर को खेतों में फेंककर फरार हो गए। बेहोशी का नाटक कर ड्राइवर ने किसी तरह खुद को बचाया।
झज्जर जिले के बहादुरगढ़ शहर के नजदीकी गांव परनाला निवासी 45 वर्षीय रणबीर सिंह ने बताया कि पहले वह ट्रक व बस चलाता था। बाद में हार्ट की दिक्कत के बाद छह माह पहले इको वैन खरीद ली और मेट्रो स्टेशन बहादुरगढ़ से रोहतक स्थित दिल्ली बाईपास के बीच में टैक्सी के तौर पर चलाने लगा। रविवार रात करीब 9 बजे वह राजीव चौक पर था। 20 से 25 उम्र के बीच तीन युवक आए। तीनों पिट्ठू बैग लिए हुए थे। उन्होंने खुद को पिज्जा व बर्गर सप्लाई करने वाला बताया और बहादुरगढ़ मेट्रो स्टेशन के लिए चलने की बात कही। तीनों ने 180 रुपये किराया दिया और बहादुरगढ़ मेट्रो स्टेशन पर उतर गए। रास्ते में उसने युवकों को अपना मोबाइल नंबर दे दिया। कहा, कभी दोबारा रोहतक से आना या जाना पड़े तो कॉल कर लेना।
आधे घंटे बाद एक युवक का फोन आया। बोला, अंकल महम के पास उसके चाचा का एक्सीडेंट हो गया है। प्लीज वापस चलो। इसके लिए दो हजार रुपये किराया देंगे। अभी रात को कोई वाहन नहीं मिल रहा है। पहले तो रणबीर ने मना किया और घर जाने की बात कही, लेकिन इंसानियत के नाते एक्सीडेंट की बात सुनकर वह मान गया। तीनों उसे बहादुरगढ़ के शिव चौक पर मिले।
करीब पौने 12 बजे वे रोहतक पहुंचे। आउटर बाईपास से न जाकर वैन चालक शहर के अंदर से भिवानी स्टैंड होते हुए हिसार बाईपास से आगे पहुंचा। बहुअकबरपुर थाने से दो किलोमीटर पहले एक युवक ने कहा कि बाथरूम करना है। गाड़ी रोक दीजिए। चालक ने गाड़ी रोक दी। तभी दो युवक नीचे उतर गए, जबकि एक अंदर ही बैठा रहा। पांच मिनट बाद जब नीचे उतरे युवक वापस नहीं आए तो टैक्सी चालक को कुछ शक हुआ। उसने पिछली लाइट जलाकर देखा तो युवक गाड़ी के पीछे खड़े होकर बातचीत कर रहे थे। ड्राइवर बोला, आपकी नीयत ठीक नहीं लग रही है। तभी एक युवक ने गाड़ी की चाबी निकाल ली। दूसरे ने हाथ में लिए परने से उसके हाथ बांध दिए। तीसरे ने पैर बांध दिए। आरोपियों ने ड्राइवर को गाड़ी में डाला और सड़क किनारे खेतों में जा रहे रास्ते पर झाड़ियों के बीच में ले गए।
सिर में पिस्तौल का बट मारा तो बेहोशी का नाटक कर बचाई जान
रणबीर ने बताया कि युवकों ने उसे कच्चे रास्ते पर पटक दिया। तीनों कह रहे थे कि इसको गोली मार देते हैं। उसने न मारने की दुहाई दी। तभी एक युवक ने सिर में बट मारा। जान जाने के डर से बेहोशी का नाटक किया और आंख बंद कर ली। उसे मरा हुआ समझकर युवक वैन व मोबाइल व पर्स लेकर महम की तरफ फरार हो गए।
अंगूठे से फाड़ा परना, तब पहुंचा होटल पर
वैन चालक ने बताया कि उसके हाथ पीछे की तरफ बंधे थे। उसने पहले युवकों के जाने के बाद उसने हाथों के अंगूठों से परना फाड़ा। इसके बाद पैरों को खोला। डरते हुए सड़क पर आया, लेकिन कोई वाहन दिखाई नहीं दिया। पैदल एक नजदीक के होटल पर गया और पूरी कहानी बताई। होटल मालिक ने हेल्प लाइन नंबर 112 पर कॉल की। तब पीसीआर पहुंची और उसे लेकर बहुअकबरपुर थाने में गई। वहां पर बयान दर्ज किए। इसके बाद सोमवार सुबह लूट व आर्म्स एक्ट के तहत मामला दर्ज किया।