उपद्रव में किस तरह मानवाधिकार का उल्लंघन होता रहा और प्रशासन मूकदर्शक बना रहा, इसकी पूरी सच्चाई जानने के लिए 14 मार्च को हरियाणा मानवाधिकार आयोग की टीम जिले का दौरा करेगी। टीम दंगा प्रभावित जगहों पर जाकर लोगों से बातचीत भी करेगी और पीड़ितों से साक्ष्य भी जुटाए जाएंगे। जिससे लापरवाह अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई हो सके।
उपद्रव में जगह-जगह तोड़फोड़ की गई तो आगजनी भी हुई। यह केवल निजी संपत्ति में नहीं हुआ है, बल्कि सरकार संपत्ति तक को नुकसान पहुंचाया गया। इसमें पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों की लापरवाही मानी जा रही है, क्योंकि उपद्रव के दौरान मानवाधिकार की धज्जियां उड़ती रहीं और अधिकारी मूकदर्शक बने रहे।
इस तरह की कई शिकायतें मानवाधिकार आयोग के पास पहुंच रही हैं। इस कारण ही मानवाधिकार आयोग की टीम सबसे ज्यादा प्रभावित रोहतक का 14 मार्च को दौरा करेगी। आयोग के सदस्य न्यायमूर्ति एच.एस. भल्ला के साथ रजिस्ट्रार ज्यूडिशियल जीके खन्ना, डीएसपी धीरज सेतिया आएंगे। यह टीम रोहतक शहर सहित सभी हिंसाग्रस्त क्षेत्रों का दौरा करेगी और पीड़ित एवं दंगा प्रभावित लोगों से बातचीत करेगी।
टीम यह भी देखेगी कि जिस जगह पर बवाल किया गया, वहां पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों ने किस तरह अपनी ड्यूटी निभाई। आयोग ने अपना टोल फ्री नंबर 1800-180-2064 भी जारी किया हुआ है और ई-मेल hhrc-hry@nic.in शुरू किया है। इन पर कोई भी अपनी शिकायत भेज सकता है। इसी दिन आयोग की टीम सोनीपत के गोहाना कस्बे का दौरा भी कर सकती है, लेकिन उसके लिए अभी कार्यक्रम पूरी तरह तय नहीं हो सका है।