शहर में टावर लगाकर हर रोज लाखों में खेल रहीं दूर संचार कंपनियों ने नगर निगम को ठेंगा दिखा दिया है। दो बार चेतावनी नोटिस के बावजूद 31 मार्च तक ज्यादातर ने अपना प्रॉपर्टी टैक्स निगम के खाते में जमा नहीं करवाया। निगम अधिकारी ने भी अब सख्त कार्रवाई का फैसला किया है। सीएम दौरे के बाद 10 अप्रैल से टावरों को सील करने की प्रक्रिया शुरू करने की योजना है।
बता दें कि शहर के अंदर निगम की सीमा में 226 के करीब टावर हैं, जिनसे कामर्शियल आधार पर प्रॉपर्टी टैक्स वसूला जाना है, जो लाखों रुपये बनता है। निगम की ओर से मार्च माह में टावर संचालकों को नोटिस दिए गए। टैक्स ब्रांच के मुताबिक नोटिस के बावजूद 10 प्रतिशत टावरों का कामर्शियल टैक्स आया है। 90 प्रतिशत ने कोई कदम नहीं उठाया। यहीं कारण है कि निगम अपना साल 2016-17 का प्रॉपर्टी टैक्स वसूली का टारगेट पूरा नहीं हो सका।
टॉप 100 सूची में शामिल डिफाल्टर भी खामोश
निगम ने बकाया करोड़ों रुपये प्रॉपर्टी टैक्स वसूलने के लिए टॉप 100 डिफाल्टरों की सूची तैयार की थी। इसमें बड़े-बड़े स्कूलों से लेकर शिक्षण संस्थान, बिल्डिंग मालिक और सरकारी विभाग शामिल हैं। 31 मार्च तक का हिसाब लगाने पर टैक्स ब्रांच ने पाया कि सूची में शामिल 20 लोगों ने ही टैक्स जमा कराया है। उनमें भी बड़े डिफाल्टर एक या दो ही शामिल हैं।