एमडीयू के गंगा हॉस्टल में मंगलवार शाम एमकॉम की छात्रा ने चुन्नी को फंदा बनाकर पंखे से लटकर जान दे दी। छात्रा के पास से पुलिस को दो पेज का अंग्रेजी में लिखा सुसाइड नोट मिला है। पुलिस का कहना है कि छात्रा ने निजी कारणों को आत्महत्या की वजह बताया है। सुसाइड नोट में किसी को दोषी नहीं ठहराया है। बताया जा रहा है कि खुदकुशी करने से कुछ घंटे पहले छात्रा की परिजनों से बात हुई थी। परिजनों का कहना है कि सामान्य दिनों की तरह ही बातचीत हुई थी।
जींद जिले के शादीपुर गांव की रहने वाली 22 वर्षीय छात्रा नवीन एमडीयू में एमकॉम तृतीय वर्ष की छात्रा थी। वह गंगा हॉस्टल के कमरा नंबर 80 में अपनी एक दोस्त के साथ रहती थी। मंगलवार शाम करीब पांच बजे छात्रा नवीन अपने कमरे में अकेली थी। काफी देर तक जब छात्रा कमरे से बाहर नहीं निकली तो हॉस्टल की दूसरी छात्राएं अनहोनी की आशंका में उसके कमरे पर पहुंची। दरवाजा खोलते ही छात्राओं की आंखें फटी रह गईं। नवीन अपनी चुन्नी का फंदा बनाकर पंखे से लटकी थी। तत्काल मामले की सूचना पुलिस और विवि प्रशासन को दी गई। आनन-फानन में छात्रा को नीचे उतारा गया, लेकिन तब तक उसकी मौत हो चुकी थी। पता चलने पर वीसी प्रो. बिजेंद्र कुमार पूनिया और अन्य प्रशासनिक अधिकारी पहुंच गए। डीएसपी पुष्पा खत्री और डीएसपी रविंद्र सिंह भी पीजीआई थाना पुलिस के साथ मौके पर पहुंचे। यूनिवर्सिटी प्रशासन की तरफ से छात्रा के परिजनों को सूचना देकर बुला लिया गया। उसके माता-पिता व भाई हॉस्टल पहुंच गए, जिसके बाद उनकी मौजूदगी में छात्रा के शव का पंचनामा कर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया।
हॉस्टल की छात्राएं सदमे में, रूममेट को भेजा घर
नवीन के साथ एक अन्य छात्रा भी रहती थी। जिस समय नवीन ने आत्महत्या की उस समय वह बाहर गई थी। रूममेट की मौत के बाद साथी छात्रा सदमे में है। यूनिवर्सिटी प्रशासन ने उसके परिजनों को बुलाकर उसे घर भेज दिया है। इसके अलावा हॉस्टल की अन्य छात्राएं भी सदमे हैं।
छात्रा ने आत्महत्या क्यों की इसके कारणों का पता नहीं चला है। पुलिस को सुसाइड नोट मिला है। पुलिस ही मामले में कुछ जानकारी दे सकती है। यूनिवर्सिटी के लिए यह बेहद दुख की घड़ी है, जिसने एक होनहार छात्रा को खो दिया है।
- प्रो. बिजेंद्र कुमार पुनिया, कुलपति एमडीयू
सुसाइड नोट में छात्रा ने आत्महत्या की वजह अपने निजी कारण बताए हैं। माना जा रहा है कि वह रिजल्ट के कारण भी तनाव में थी। हालांकि गत सप्ताह आए रिजल्ट में छात्रा के नंबर कम थे या रिजल्ट के कारण तनाव में रहने की कोई और वजह थी यह स्पष्ट नहीं हो सका।
- पुष्पा खत्री, डीएसपी