कांग्रेस से राज्यसभा सदस्य शादीलाल बतरा का कहना है कि राजनीतिक दबाव में नगर निगम 45 विकास कार्यों का एस्टीमेट नहीं बना रहा, जिसके चलते वे अपना पूरा बजट प्रयोग नहीं कर पाएंगे। वहीं, नोडल अधिकारी और एडीसी प्रदीप कुमार का कहना है कि मामला उनके नोटिस में नहीं है। वे कार्यालय में जाकर पता लगाएंगे, यह चूक कैसे हुई?
सांसद शादीलाल बतरा का कहना है कि उन्होंने करीब साढे़ चार करोड़ के विकास कार्यों के लिए प्रशासन को संस्तुति पत्र दिया है, साथ ही नोडल अधिकारी को ये पत्र भेज दिए गए। इसके बावजूद करीब 45 विकास कार्यों का एस्टीमेट तैयार किया गया और न ही ग्रांट जारी की गई। यह जनहित से जुड़ा एक गंभीर मुद्दा है, जिसे राज्यसभा में भी उठाएंगे। सांसद बतरा का कहना है कि आखिर इसके पीछे क्या मंशा है, यह भी जनता के सामने आनी चाहिए?
सांसद कोष में केंद्र देती है पांच करोड़
सांसद ने बताया कि प्रत्येक वर्ष केंद्र सरकार की ओर से सभी सांसदों को विकास कार्यों के लिए पांच करोड़ रुपये जारी किए जाते हैं। उन्होंने भीड़-भाड़ और अपराधियों पर नजर रखने के लिए 7 अगस्त को रोहतक प्रशासन अधिकारियों को पांच लाख रुपये की लागत से सीसीटीवी कैमरे लगाने के लिए संस्तुति पत्र भेजा था, लेकिन अभी तक कोई कार्रवाई नहीं हुई। जब अधिकारियों से जवाब मांगा तो उन्हें बताया गया कि एस्टीमेट नहीं मिला है।
उन्होंने बताया कि गांधी नगर स्थित मदनलाल धींगड़ा धर्मशाला में राष्ट्रीय ध्वज लगाने के लिए दस लाख रुपये का संस्तुति पत्र नगर निगम को भेजा था, लेकिन कोई कदम नहीं उठाया गया। रोहतक के अलावा अंबाला, झज्जर, हांसी, बेरी, जींद, पलवल, नरवाना, जुलाना, गन्नौर, गुरुग्राम और भिवानी में विकास कार्यों के लिए पत्र भेजे थे, लेकिन प्रशासन का रवैया गैर जिम्मेदराना रहा।
4.18 करोड़ की राशि नहीं हुई जारी
सांसद बतरा का कहना है कि उनकी संस्तुति के बाद भी चार करोड़ 18 लाख रुपये के विकास कार्यों की राशि जारी नहीं की गई है। इस बारे में नोडल अधिकारी एवं अतिरिक्त उपायुक्त प्रदीप कुमार का कहना है कि काफी समय से उनकी ड्यूटी इधर-उधर लगी थी। आफिस में जाकर पता लगाएंगे कि यह चूक कैसे हुई?