बिजली सप्लाई बढ़ाने की मांग पर बृहस्पतिवार को बोहर गांव में हंगामा हो गया। यहां अठगामा भवन में बिजली बिल वसूलने पहुंचे एचसीएसएल के फील्ड ऑफिसर और छह कर्मियों को ग्रामीणों ने बंधक बना लिया। सूचना मिलते ही अधिकारियों में हड़कंप मच गया और अर्बन एस्टेट थाने के एसएचओ अपने साथ भारी पुलिस बल लेकर मौके पर पहुंचे। ग्रामीण अड़ गए कि जब तक बिजली आपूर्ति बढ़ाई नहीं जाती तब तक किसी को नहीं छोड़ा जाएगा। पुलिस ने किसी तरह ग्रामीणों की खुशामद करके कर्मियों को बाहर निकाला और अपने साथ थाने लेकर पहुंचे। यहां एसडीओ और पुलिस की मौजूदगी में ग्रामीणों से एक घंटे तक बात की गई। मौके पर ही एक घंटा बिजली सप्लाई तुरंत बढ़ा दी गई। जबकि अगले सप्ताह से 18 घंटे बिजली सप्लाई का आश्वासन दिया गया।
बिजली के बिल वसूलने वाली कंपनी एचसीएसएल के फील्ड ऑफिसर रिटायर्ड कैप्टन धर्मबीर, रीडर जयकंवार के साथ अन्य पांच कर्मचारी बृहस्पतिवार सुबह 9 बजे बोहर गांव में पहुंचे। वह बिल जमा करने के लिए हमेशा की तरह अठगामा भवन में बैठ गए, लेकिन किसी ग्रामीण ने बिल जमा नहीं किया। धीरे-धीरे ग्रामीण इकट्ठा हो गए और बिजली आपूर्ति कम होने के कारण हंगामा शुरू कर दिया। कर्मियों ने बताया कि उनका काम केवल बिल जमा करना है और सप्लाई का काम निगम के अधिकारियों का है। ग्रामीणों ने उनकी एक बात नहीं सुनी और उनको अठगामा भवन के अंदर बैठा लिया। कर्मियों ने एसई, एक्सईएन, एसडीओ को फोन कर मदद मांगी, लेकिन वे नहीं पहुंचे। इससे ग्रामीणों का गुस्सा बढ़ गया और वे अधिकारियों को गांव में बुलाने की जिद पर अड़ गए। बिजली अधिकारी तो नहीं आए, लेकिन अर्बन एस्टेट थाना एसएचओ सतेंद्र भारी पुलिस बल लेकर गांव में जरूर पहुंच गए। उन्होंने ग्रामीणों को समझाने का प्रयास किया और कंपनी कर्मियों को साथ लेकर जाने लगे। इस पर लोग भड़क गए और कर्मियों को फिर से अंदर बैठा लिया। पुलिस ने किसी तरह ग्रामीणों की खुशामद की और समाधान का आश्वासन दिया। इसके बाद 12 बजे कर्मियों को वहां से जाने दिया गया और पुलिस उनको थाने में लेकर पहुंची। ग्रामीण और एसडीओ सुरेंद्र सिंह भी थाने में पहुंच गए। थाने में ग्रामीणों और एसडीओ के बीच बातचीत हुई, जिससे तुरंत ही एक घंटा बिजली बढ़ा दी गई। दिन की बिजली आपूर्ति एक से तीन बजे की जगह चार बजे तक कर दी गई है, जबकि अगले सप्ताह से 18 घंटे बिजली देने का आश्वासन दिया गया। जैसे-तैसे ग्रामीण मान तो गए लेकिन चेतावनी दी कि 18 घंटे बिजली नहीं मिली तो आंदोलन शुरू करेंगे।
पंचायत करके पहले ही चेता चुके थे ग्रामीण
ऐसा नहीं है कि बिजली आपूर्ति को लेकर यह हंगामा अचानक हुआ है। बल्कि बोहर गांव के लोग बिजली समस्या के लिए अधिकारियों के पास पिछले एक महीने से लगातार चक्कर काट रहे थे। वे कई बार डीसी अतुल कुमार के पास पहुंचे तो उन्हें एसई के पास भेज दिया जाता था। एसई ज्ञानचंद के पास जाते थे तो उनको आश्वासन तक नहीं दिया जाता था। परेशान ग्रामीणों ने बुधवार को पंचायत करके चेता दिया था कि जब तक पूरी बिजली नहीं मिलती तब तक वे बिल नहीं भरेंगे। इस चेतावनी के बाद भी कंपनी कर्मी बिल वसूलने के लिए पहुंच गए।
आखिर अब कैसे बढ़ गई बिजली?
जब ग्रामीण अफसरों के पास जाते तो उन्हें साफ कह दिया जाता कि किसी भी हालत में आपूर्ति नहीं बढ़ सकती है। इस तरह का जवाब मिलने के बाद ही ग्रामीण भड़के। सबसे बड़ा सवाल है कि आखिर कर्मियों को बंधक बनाते ही बिजली कैसे बढ़ गई? तुरंत ही एक घंटे की बिजली बढ़ा दी गई। शुक्रवार से एक घंटा बिजली आपूर्ति और बढ़ जाएगी। जबकि अगले सप्ताह से 18 घंटे का आश्वासन मिला है।
बिजली का हाल बेहाल, अफसरों को गांव जाने से लग रहा डर
जिले के गांवों में बिजली आपूर्ति का हाल बेहाल है। 45 डिग्री पारे में बिजली कट ने पसीने छुड़ा दिए हैं। ऐसे में ग्रामीण बार-बार चेतावनी दे रहे हैं। इसका असर ये है कि बिजली निगम अधिकारी गांव में जाने से घबराने लगे हैं। कर्मियों को बंधक बनाया गया तो उन्होंने एसई को फोन किया। इसके बाद एक्सईएन, एसडीओ को भी फोन किया गया, लेकिन कोई अधिकारी गांव में नहीं पहुंचा। एसडीओ भी थाने में ही पहुंचे।
बोहर में कंपनी के लोग बिल जमा कराने के लिए गए थे, जहां लोगों ने हंगामा शुरू कर दिया। वे बिजली आपूर्ति बढ़ाने की मांग कर रहे थे। अब वहां आपूर्ति बढ़ाई गई है। कर्मियों के साथ किसी तरह की अभद्रता तो नहीं हुई है, उसे देखा जाएगा और उसके बाद कार्रवाई की जाएगी।
बलजीत मलिक, एक्सईएन, सब अर्बन-2