हरियाणा के रोहतक में प्रॉपर्टी आईडी ठीक करने के नाम पर 11 हजार रिश्वत लेते हुए विजिलेंस ने नगर निगम के डाटा एंट्री ऑपरेटर को गिरफ्तार किया है। बुधवार को जांच टीम आरोपी जींद जिले के गांव घसो खुर्द निवासी जोगेंद्र को अदालत में पेश करेगी। इससे पहले विजिलेंस निगम के एटीपी व पुलिस कानूनगो व पटवारी को गिरफ्तार कर चुकी है।
विजिलेंस के डीएसपी सुमित कुमार ने बताया कि भरत कॉलाेनी निवासी किताब सिंह ने शिकायत दी कि उसका 136.5 गज का प्लाॅट है, इसे बेचने के लिए उसे नगर निगम से एनओसी चाहिए थी। जांच की तो पता चला कि निगम ने प्रॉपर्टी आईडी 140 गज की बना रखी है। उसने रिकार्ड ठीक करवाने के लिए निगम में संपर्क किया।
डाटा एट्री ऑपरेटर जोगेंद्र ने आईडी ठीक करने के लिए 50 हजार रुपये मांगे। बातचीत में सौदा 22 हजार रुपये में तय हुआ। आधे पैसे काम होने से पहले व आधे काम होने के बाद में देने थे। किताब सिंह की शिकायत दर्ज की विजिलेंस ने एक टीम तैयार की। डीएफएसओ वरिंद्र सिंह को डीसी ने ड्यूटी मजिस्ट्रेट के तौर पर तैयार किया।
रेलवे स्टेशन पर दबिश देकर किया रंगे हाथों काबू
विजिलेंस ने बताया कि शिकायतकर्ता आरोपी को 11 हजार रुपये देकर बाहर गया। जांच टीम निगम कार्यालय से थोड़ी देरी पर थी। इसी बीच आरोपी पैसे लेकर निकल गया। टीम ने उसका पीछा किया और रेलवे स्टेशन पर काबू किया। ड्यूटी मजिस्ट्रेट के सामने तलाशी ली तो 11 हजार की नकदी मिली, जो शिकायतकर्ता ने दी थी।
एटीपी से लेकर कानूनगो और पटवारी तक हो चुके हैं गिरफ्तार
निगम में पहले भी भ्रष्टाचार के मामले सामने आ चुके हैं। मई 2023 में विजिलेंस ने छापा मारकर अवैध कॉलोनी में तोड़फोड़ न करने की एवज में 10 लाख की रिश्वत लेने के आरोप में नगर निगम के सहायक नगर योजनकार (एटीपी) जितेंद्र नेहरा व नक्शानवीस त्रिलोकचंद शर्मा सहित तीन को गिरफ्तार किया था। जबकि दिसंबर 2023 में पुलिस डीएसपी रवि खुंडिया की टीम ने निगम के कानूनगो कम पटवारी संदीप व रोजगार कौशल निगम के तहत लगे पटवारी सुमित को 41.28 लाख रुपये रिश्वत लेने के आरोप में गिरफ्तार किया था। आरोप था कि अवैध कॉलोनी में एनओसी के नाम राशि ली गई।