फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

भालौठ में नकल रुकवाने को लेकर रंजिश, आधा घंटे बाद मर्डर

Sat, 19 Mar 2016 02:19 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला,रोहतक
विज्ञापन
Murder - फोटो : file photo
विज्ञापन
गांव भालौठ के सरकारी स्कूल में नकल रुकवाने को लेकर भिड़े युवकों ने एक दुकानदार की जान ले ली। नकल रुकवाने को लेकर हुई रंजिश के आधा घंटे बाद ही नकल करवाने वाले युवकों ने दिनदहाड़े गांव में धावा बोल दिया। एक छात्र को मारने आए युवकों ने बीच बचाव कर रहे 26 वर्षीय दुकानदार मंजीत की जान ले ली। गर्दन में गोली लगने से मंजीत की मौत हो गई, जबकि दसवीं कक्षा के छात्र सचिन के दिल के पास दो गोलियां मारी गईं।
विज्ञापन


छात्र पीजीआई में जिंदगी और मौत की लड़ाई लड़ रहा है। भालौठ पंचायत का आरोप है कि नकल करवाने वाले और हमला करने वाले युवक किलोई गांव के थे। पुलिस ने 3 युवकों को हिरासत में भी लिया है। हालांकि अभी किसी की गिरफ्तारी नहीं दिखाई गई है। पूरे घटनाक्रम में पुलिस और स्कूल प्रशासन की बड़ी नाकामी उजागर हुई है। मामले में मंजीत के चचेरे भाई वजीर सिंह की शिकायत पर किलोई के युवक दीपक सहित 5 अन्य बाइक सवार युवकों के खिलाफ हत्या का केस दर्ज किया गया है।

पुलिस के मुताबिक मंजीत की गांव में सोनीपत रोड पर मोबाइल रिचार्ज की दुकान थी। यह दुकान मंजीत ने किराये पर ले रखी थी। शुक्रवार दोपहर करीब दो बजे उसकी दुकान पर गांव निवासी छात्र सचिन और धीरज आए। दसवीं कक्षा में पढ़ने वाला सचिन दुकान पर मनजीत और धीरज से बात करने लगा। कुछ ही देर बाद चाकू, पिस्टल और दूसरे हथियारों से लैस करीब 6 युवक तीन बाइक पर सवार होकर यहां पहुंचे। दुकान में घुसते ही आरोपियों ने सचिन को पीटना शुरू कर दिया। मंजीत ने युवकों को रोकने का प्रयास किया तो आरोपियों ने उसक ी गर्दन में गोली मार दी। ताबड़तोड़ फायरिंग करते हुए युवकों ने सचिन के दिल के पास भी दो गोली मारी।
विज्ञापन


फायरिंग की आवाज सुनकर आसपास के ग्रामीण इकट्ठा हो गए। इससे पहले कि ग्रामीण कुछ समझ पाते आरोपी मौके से फरार हो गए। ग्रामीण खून से लथपथ मनजीत और सचिन को बाइक पर डालकर ही शहर की तरफ दौड़े। जैसे ही वे गांव से कुछ आगे निकले तो डीएसपी यशपाल खटाना जाट आंदोलन को लेकर गश्त कर रहे थे। उन्होंने बाइक सवारों के बीच घायलों को बैठा देखकर घटना के बारे में पूछा तो पुलिस भी अलर्ट हो गई।

डीएसपी दोनों घायलों को अपनी गाड़ी में लेकर पीजीआई पहुंचे। यहां डॉक्टरों ने मंजीत को मृत घोषित कर लिया जबकि सचिन को इमरजेंसी में दाखिल किया गय है। देरशाम तक सचिन की हालत गंभीर बनी हुई थी। भारी तादाद में ग्रामीणों और पुलिस ने पीजीआई में डेरा डाल दिया। बताया जा रहा है कि मंजीत के पिता ओमप्रकाश रोडवेज विभाग के रिटायर्ड कर्मचारी हैं। उसका बड़ा भाई खेतीबाड़ी करता है। घायल सचिन के पिता सुरेश निजी चालक हैं। सचिन का एक और भाई है।

नकल रोकने को हुई थी पंचायत से हाथापाई, फिर भी नहीं संभली पुलिस 
गांव भालौठ के सरकारी स्कूल (ब्वॉयज) में बनाए गए परीक्षा केंद्र पर शुक्रवार को 10वीं कक्षा के सामाजिक विज्ञान विषय का पेपर था। यहां पिछले कई दिनों से असामाजिक तत्व नकल करवाने का प्रयास कर रहे थे। इससे तंग होकर गांव की पंचायत सुबह ही परीक्षा केंद्र पर पहुंच गई। पंचायत में गांव के युवक भी शामिल थे। गांव के सरपंच बलबीर सिंह ने बताया कि किलोई के कुछ युवक बार-बार नकल करवाने का प्रयास कर रहे थे। पंचायत ने उन्हें रोकने का प्रयास किया, लेकिन वे नहीं माने। थोड़ी ही देर में मामला बढ़ गया। दोनों पक्षों के युवकों में हाथापाई हो गई और जमकर लात घुसे चले। पंचायत ने किसी तरह बीचबचाव किया। आरोप है कि इसी बीच किलोई के युवकों ने भालौठ के सचिन को देख लेने की धमकी दी थी।

मृतक का पोस्टमार्टम कराकर शव परिजनों को सौंप दिया गया है। आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए किलोई गांव में छापेमारी की जा रही है। कुछ आरोपियों की लोकेशन गांव से बाहर मिली है। मंजीत के चचेरे भाई वजीर सिंह की शिकायत पर किलोई के युवक दीपक सहित 5 अन्य बाइक सवार युवकों के खिलाफ हत्या का केस दर्ज किया गया है।
विजय दहिया, सदर थाना एसएचओ।

प्रिंसिपल ने पंचायत को फोन किया था कि शुक्रवार को पेपर के दौरान हुड़दंग बढ़ गया है। पंचायत को मदद के लिए बुलाया था। स्कूल में नकल करवा रहे युवकों को समझाया भी गया था, लेकिन वे बदतमीजी पर उतर आए। पंचायत के साथ गए युवकों के साथ भी कहासुनी की गई। हालांकि हमने उस समय विवाद को वहीं निपटा दिया था और युवकों को घर जाने के लिए कह दिया था।
विज्ञापन

बलबीर सिंह, सरपंच, गांव भालौठ।
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें