तांत्रिक विद्या से रुपये दोगुने करवाने का लालच शहर के एक व्यापारी को भारी पड़ गया। फर्जी तांत्रिकों ने व्यापारी को दोगुनी रकम का लालच देकर कागज के नोटों से भरा काला थैला थमा दिया जबकि उसका 16 लाख रुपयों से भरा बैग लेकर फरार हो गए। जब 11 दिन बाद व्यापारी ने थैले को खोलकर देखा तो उसके होश उड़ गए। पीड़ित व्यापारी फर्जी तांत्रिकों से रुपये वापस मांगने पहुंचा तो उन्होंने उसे जान से मारने की धमकी दे डाली। इसके बाद व्यापारी ने मामले की सूचना पीजीआई थाने में दी। पुलिस ने मामले में जिंदरान निवासी भूपसिंह, गोहाना के रामगढ़ निवासी राजू, सोनीपत के मंतिंडा निवासी बलराज और गोहाना के सैनीपुरा निवासी कृष्ण के खिलाफ धोखाधड़ी और जान से मारने की धमकी देने का केस दर्ज किया है।
यूं हुई 16 लाख की ठगी
गांधी कैंप चौकी इंचार्ज जयबीर ने बताया कि अर्जुन नगर निवासी जितेंद्र का कपड़ों का व्यापार है। उनकी किला रोड पर चमेली मार्केट में दुकान है। करीब दो महीने पहले आरोपी जिंदरान निवासी भूपसिंह उनके पास आया। उसने बताया कि वह पीजीआई स्थित एक दुकान में काम करता है। कुछ दिन बाद भूपसिंह ने जितेंद्र को बताया कि वह ऐसे लोगों को जानता है जो तांत्रिक विद्या से रुपये दोगुना कर देते हैं। भूपसिंह पहले जितेंद्र की ही दुकान में काम करता था। इस कारण वह भूूपसिंह के बहकावे में आ गया। इसके बाद उसने मोबाइल फोन से जितेंद्र की बात गोहाना के रामगढ़ निवासी राजू, मंतिंडा निवासी बलराज और गोहाना के सैनीपुरा निवासी कृष्ण से करवाई। इन फर्जी तांत्रिकों के जाल में जितेंद्र फंस गया। करीब 10 दिन पहले भूपसिंह तीनों फर्जी तांत्रिकों को लेकर जितेंद्र के घर पहुंचा। तीनों आरोपी काले थैले में कागज के नोट भरकर लाए थे। गड्डियों में ऊपर और नीचे ही असली नोट लगे थे। कथित तांत्रिकों ने जितेंद्र से कहा कि रुपये दोगुने करवाने के लिए उन्हें थैले में डालकर लाए। इस पर जितेंद्र एक काले थैले में 16 लाख रुपये भरकर ले आया। आरोपियों ने दोनों थैलों को आमने-सामने रख दिया। तंत्र क्रिया के दौरान आरोपियों ने दोनों थैलों की अदला-बदली कर दी। असली नोटों से भरा थैला तो अपने पास रख लिया जबकि कागजी नोटों से भरा थैला जितेंद्र को पकड़ा दिया।
11 दिन बाद थैला खोला तो उड़े होश
फर्जी तांत्रिकों ने जितेेंद्र को थैला देते हुए कहा कि इसे 11 दिन बाद ही खोलकर देखे। थैले के अंदर दोगुने रुपये मिलेेंगे। इससे पहले थैले को खोला तो विद्या का असर नहीं होगा। करीब 11 दिन बाद जब व्यापारी जितेंद्र ने थैले को खोलकर देखा तो उसके होश उड़ गए। थैले के अंदर रखी नोटों की गड्डियों में केवल ऊपर और नीचे के नोट ही असली निकले, बीच के हिस्से में कागज के टुकड़े रखे गए थे। 16 लाख रुपये की ठगी होने के बाद जितेंद्र ने आरोपियों के पास फोन करके रुपये वापस मांगे। इस पर आरोपियों ने जितेंद्र को जान से मारने की धमकी दी। इसके बाद से आरोपियों के मोबाइल फोन भी स्विच ऑफ आ रहे हैं।
अब सीआईए-1 करेगी जांच
मामले की गंभीरता को देखते हुए केस को सीआईए-1 में पड़ताल के लिए भेज दिया गया है। एसआई जयबीर सिंह ने बताया कि केस की जांच सीआईए-1 कर रही है। जल्द ही सोनीपत जाकर आरोपियों को जांच में शामिल होने के लिए नोटिस जारी किया जाएगा। पेश नहीं होने पर आरोपियों को गिरफ्तार कर रकम की बरामदगी की जाएगी।