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रोहतक रिश्वत प्रकरण: कोर्ट ने दी आरोपियों के वायस सैंपल की अनुमति, बचाव पक्ष को नहीं एतराज

Tue, 06 Jun 2023 04:07 PM IST
नवीन दलाल माई सिटी रिपोर्टर, रोहतक (हरियाणा)

सार

विजिलेंस के रिकार्ड के मुताबिक बुधवार 31 मई को राजेंद्र नगर निवासी राजेश नेहरा ने शिकायत दी कि उसने बोहर गांव के नजदीक आउटर बाईपास के पास नौ एकड़ जमीन में कॉलोनी काटी है। नगर निगम के एटीपी जितेंद्र नेहरा छोटूराम चौक स्थित नक्शा नवीस त्रिलोकचंद शर्मा के माध्यम से रिश्वत मांग रहे हैं।
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सांकेतिक तस्वीर - फोटो : सोशल मीडिया
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विस्तार
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रोहतक में अवैध कालोनी में तोड़फोड़ न करने की एवज में 10 लाख रिश्वत मांगने व लेने के आरोप में नगर निगम के एटीपी जितेंद्र नेहरा व छोटूराम चौक के नक्शा नवीस त्रिलोकचंद शर्मा की विजिलेंस वायस सैंपल ले सकती है। अदालत ने मंगलवार को इसकी अनुमति दे दी। क्योंकि बचाव पक्ष ने विजिलेंस की अर्जी पर कोई भी एतराज नहीं जताया। अब विजिलेंस आरोपियों के वाइस सैंपल का शिकायतकर्ता के वायस सैंपल से मिलान करेगी। ताकि बरामद  कॉल रिकार्डिंग को सबूत के तौर पर कोर्ट में पेश किया जा सके। इसके बाद अदालत ने दोनों आरोपियों को न्यायिक हिरासत के चलते सुनारिया जेल भेज दिया। 

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एक सप्ताह पहले किया था विजिलेंस ने 10 लाख की रिश्वत लेने के आरोप में गिरफ्तार 
विजिलेंस के रिकार्ड के मुताबिक बुधवार 31 मई को राजेंद्र नगर निवासी राजेश नेहरा ने शिकायत दी कि उसने बोहर गांव के नजदीक आउटर बाईपास के पास नौ एकड़ जमीन में कॉलोनी काटी है। नगर निगम के एटीपी जितेंद्र नेहरा छोटूराम चौक स्थित नक्शा नवीस त्रिलोकचंद शर्मा के माध्यम से रिश्वत मांग रहे हैं। डीएसपी सुमित कुमार के नेतृत्व में विजिलेंस ने छापा मारकर पहले नक्शानवीस को 10 लाख रुपये रिश्वत लेते काबू किया।

अदालत ने मंगलवार के लिए फैसला सुरक्षित रखा था
इसके बाद एटीपी जितेंद्र नेहरा को दबिश देकर गिरफ्तार किया था। साथ ही त्रिलोकचंद के परिवार के एक सदस्य योगेश को भी काबू किया गया था, जो रिश्वत के पैसे गिन रहा था। योगेश को जहां न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया था, जबकि एटीपी व नक्शानवीस को पांच दिन के रिमांड प लिया गया था। सोमवार को एटीपी व नक्शा नवीस को अदालत में पेश किया गया, जहां विजिलेंस ने आरोपियों के वायस सैंपल की मांग की थी। इसके लिए अदालत ने मंगलवार के लिए फैसला सुरक्षित रखा था। 
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बचाव पक्ष को नहीं कोई एतराज
विजिलेंस ने आरोपियों के वायस सैंपल के लिए अदालत में अर्जी दाखिल की थी। बचाव पक्ष ने कोर्ट को बताया कि उनको कोई एतराज नहीं है। इसके बाद अदालत ने इसकी अनुमति दे दी। इसके बाद आरोपियों को न्यायिक हिरासत के चलते सुनारिया जेल भेज दिया। -पीयूष गक्खड़, वकील बचाव पक्ष।

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