फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

25 पुलिस कर्मियों ने दो युवकों को थाने का गेट बंद करके बट, डंडों और लात-घूंसों से पीटा

Mon, 20 Jun 2016 01:55 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, रोहतक
विज्ञापन
थाने के बाहर युवकों की चीख सुनाई देने पर लोग दीवार फांदकर अंदर पहुंचे और पुलिस से बचाया - फोटो : amar ujala
विज्ञापन
थाने का गेट बंद करके दो युवकों को करीब 25 पुलिस वालों ने बंदूकों की बट, डंडों और लात-घूंसों से ऐसी पिटाई की कि उनकी चीखें सुनकर थाने के आसपास के लोग दहल गए। बचाव के लिए थाने में जाना चाहा तो गेट बंद मिला। किसी तरह दीवार फांदकर अंदर गए और पिट रहे युवकों को पुलिस वालों से बचाया। गश्त के नाम पर पुलिस का यह खौफनाक चेहरा रविवार रात सामने आया। जानकारी मिलते ही थाने में विधायक मनीष ग्रोवर और पुलिस के अधिकारी भी पहुंच गए। रात करीब डेढ़ बजे तक थाने में मामले को सुलझाने की कोशिश जारी थी।
विज्ञापन


सिविल लाइन थाना पुलिस ने पहले तो छोटूराम चौक पर शराब व्यापारी के बेटे और उसके दोस्त को जमकर पीटा। उसके बाद दोनोें युवकों को लेकर पुलिस वाले सिविल लाइन थाने आ गए। यहां करीब 25 पुलिस कर्मियों ने दोनों युवकों जमकर पिटाई की। यह सब महिला और सिविल लाइन थाने का मुख्य गेट बंद करके किया गया। कालोनीवासियों ने थाने की दीवार फांदकर युवकों को छुड़ाया। इसके बाद मामला भड़क गया। शहर विधायक मनीष ग्रोवर, एसपी शशांक आनंद सहित अन्य व्यापारी और पुलिस अधिकारी मौके पर पहुंचे। वहीं, मारपीट करने वाले पुलिस कर्मियों पर गाज गिरना तय है। एसपी ने घटना के समय थाने में मौजूद पुलिस कर्मियों की सूची मांगी है।

कच्चा बेरी रोड स्थित कृष्णा कालोनी निवासी शराब व्यापारी कृष्ण का बेटा मन्नू दोस्त सौरभ उर्फ सौरू के साथ रात करीब साढ़े दस बजे छोटूराम चौक पर खड़ा था। किसी बात को लेकर दोनों की पनवाड़ी से कहासुनी हो गई। इसके बाद दोनों पक्षों में मारपीट हो गई। मामला बढ़ने पर पुलिस की पीसीआर मौके पर पहुंची। आरोप है कि एक पुलिस कर्मी ने गाड़ी से उतरते ही मन्नू के सिर पर डंडा मार दिया। इसके बाद पुलिस ने दोनों युवकों की मौके पर ही जमकर पिटाई की उसके बाद दोनों को पीसीआर में बैठा लिया।
विज्ञापन


पीसीआर में बैठाकर पुलिस दोनों को लेकर सिविल थाने आ गई। परिजनों का आरोप है कि थाने में करीब 25 पुलिस कर्मियों ने दोनों पर ताबड़तोड़ डंडे बरसाने शुरू कर दिये। इसी बीच कालोनीवासी थाने के बाहर पहुंच गए। महिला व सिविल लाइन थाने में मुख्य गेट बंद होने के कारण कालोनीवासी अंदर नहीं जा सके। जब दोनों युवकों की चीख थाने से बाहर आई तो कालोनी वासी दीवार फांदकर अंदर घुसे। इसके बाद पुलिस कर्मियों से दोनों को छुड़ाया गया।

विधायक और एसपी में नोकझोंक

मामले की सूचना मिलने के बाद मौके पर पहुंचे विधायक और एसपी में नोकझोंक हो गई। कुछ देर में अन्य व्यापारी नेता मौके पर पहुंच गए। डेयरी एसोसिएशन के प्रधान राजकमल सहगल, पालिका बाजार प्रधान गुलशन निझावन सहित अन्य व्यापारियों ने थाने में पहुंचकर विरोध जताया।

थाने के बाहर सैकड़ों की भीड़

कुछ देर में सिविल लाइन थाने के बाहर सैकड़ों लोगों की भीड़ जुट गई। मामला बढ़ता देख भारी संख्या में सुरक्षा बल बुला लिया गया। जैसे-तैसे करके पुलिस कर्मियों ने युवकों को थाने के अंदर घुसने से रोका।

देर रात तक चलती रही बैठक

मामले में देर रात तक एसपी, विधायक और व्यापारियों की बैठक होती रही। एसपी ने जिन पुलिस कर्मियों पर मारपीट का आरोप था उनके शराब पीने के सैंपल भी लिये। रात करीब एक बजे तक बैठक चलती रही। अब मामले में परिजनों ने संबंधित पुलिस कर्मियों के खिलाफ शिकायत दी है।
विज्ञापन
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें