हरियाणा के रोहतक के सांपला खंड के गांव नौनंद में 2011 में हुई हत्या के मामले में एएसजे राजकुमार यादव की अदालत ने नौ लोगों को उम्रकैद की सजा सुनाई है। साथ ही 15-15 हजार रुपये जुर्माना लगाया गया है। जुर्माना न भरने पर छह-छह माह की अतिरिक्त सजा भुगतनी होगी। इसके अलावा अदालत ने मृतक की पत्नी को एक लाख की राशि सहायता के तौर पर देने के आदेश भी दिए हैं।
पुलिस रिकॉर्ड के मुताबिक नौनंद गांव निवासी धर्मसिंह ने सांपला थाने में शिकायत दी थी कि वह सेना से रिटायर हैं और छह भाई व बहन हैं। दो अगस्त की शाम को खेतों की तरफ घूमने जा रहा थे। वह संजय के प्लॉट के पास पहुंचे तो उसे भाई सुरेश के चिल्लाने की आवाज सुनाई दी। उन्होंने देखा कि कुछ लोग उसके भाई के पैर पकड़े हुए थे तो कुछ ईंट व लाठियों से उसपर हमला कर रहे थे। उसके भाई को मार-मार कर अधमरा कर दिया।
शोर सुनकर उसका भाई राज व सतबीर भी आ गए। उन्होंने सुरेश को पीजीआई में दाखिल कराया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। सांपला थाने में हत्या का मामला दर्ज किया गया था। पुलिस ने कार्रवाई करते हुए पांच लोगों को गिरफ्तार किया था। बाद में अदालत में सुनवाई के दौरान चार अन्य को भी आरोपी बनाया गया।
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तभी से नौ आरोपियों कुलदीप, विजय, राजेंद्र, कप्तान, मंजीत, रामचंद्र, विनोद व मनोज और एक अन्य के खिलाफ जिला अदालत में सुनवाई चल रही थी। अदालत ने शनिवार को नौ आरोपियों को हत्या का दोषी मानते हुए उम्रकैद की सजा सुनाई है।
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पुरानी रंजिश के चलते हुई हत्या
शिकायतकर्ता का कहना था कि गांव के ओम नाम के व्यक्ति की मौत हो गई थी। केस में उनपर झूठा आरोप लगाया गया था। अदालत में वे बरी हो गए थे। इसी रंजिश के चलते 2006 में उसके भाई सुरेश पर जानलेवा हमला किया गया था, जिसका केस अदालत में वारदात के समय से चल रहा था। 2011 में उसके भाई की हत्या कर दी गई। इस केस में अब नौ लोगों को उम्रकैद की सजा सुनाई गई है।