राजस्थान के कुख्यात अपराधी आनंद पाल सिंह ने पुलिस अभिरक्षा से फरार होने के बाद रोहतक में शरण ली थी। उसे जिंदरान गैंगवार के आरोपी 25 हजार के इनामी मनीष भंडारी और संजय शर्मा ने कई दिनों तक अपने पास छिपाया था। सुनारिया जेल में बंद आरोपी मनीष और संजय को राजस्थान पुलिस ने प्रोडक्शन वारंट पर लिया है। राजस्थान पुलिस ने आरोपियों को कोर्ट में पेश कर संजय को दस दिन और मनीष को तीन दिन के पुलिस रिमांड पर लिया है। पुलिस दोनों को अपने साथ जयपुर ले गई है।
दरअसल, राजस्थान का कुख्यात अपराधी आनंद पाल 3 सितंबर 2015 को पुलिस कस्टडी से अपने साथियोें के साथ फरार हो गया था। पुलिस आनंद पाल को अजमेर सेंट्रल जेल से डीडवाना कोर्ट में पेशी पर लेकर आयी थी। पेशी होने के बाद पुलिस आनंद पाल को वापस अजमेर सेंट्रल जेल लेकर जा रही थी।
इसी दौरान परबतसर के गांगवा गांव के पास एक गाड़ी पुलिस वैन के सामने आकर रुक गई जिस पर पुलिस को वैन रोकनी पड़ी। वैन के रुकते ही गाड़ी में सवार होकर आए लोगों ने पुलिस की वैन पर अंधाधुंध फायरिंग कर दी जिसमें एक दर्जन पुलिसकर्मी घायल हो गये थे। वारदात के बाद आरोपी आनंद पाल के साथ तीन-चार साथी और भी फरार हो गए थे।
आनंद पाल के साथ फरार होने वाले आरोपियों के पकड़े जाने के बाद जांच में सामने आया था कि झज्जर के विकास नगर निवासी संजय शर्मा और रोहतक के गांव ब्राह्मणवास निवासी मनीष भंडारी से उसके संपर्क है। जब पुलिस ने गहराई से जांच की तो पता चला कि दोनों आरोपियों ने ही रोहतक में आनंद पाल को पनाह दी थी। फिर जयपुर पुलिस को पता चला कि दोनों आरोपी फिलहाल सुनारिया जेल में बंद हैं। इसके बाद जयपुर पुलिस ने आरोपियों को प्रोडक्शन वारंट पर लाकर रिमांड पर लिया।
आरोपी संजय और मनीष पर जयपुर में भी कई मामले चल रहे हैं। आरोपियों ने राजस्थान के कुख्यात आनंद पाल को भी पनाह दी थी। इस कारण सभी मामलों में पूछताछ करने के लिए दोनों को रिमांड पर लिया गया हैं।
कर्ण सिंह, एएसपी और प्रभारी जयपुर एसओजी।