गरनावठी से तीन दिन पहले लापता हुए 5 साल के मासूम का शव तूड़े में दबा हुआ मिला है। किसी ने गौरव की हत्या कर उसके शव को बोरी में बांधकर तूड़े में दबा दिया। बृहस्पतिवार शाम 4 बजे गौरव का शव उसी के घर के पीछे बने तूड़े से भरे एक कमरे से बरामद किया गया है।
पुलिस और परिजन गांव में ही चल रहे सर्च अभियान के दौरान दुर्गंध आने के कारण कमरे में घुसे थे। शुरुआती जांच में सामने आया है कि किसी ने गौरव के लापता होने वाले दिन मंगलवार को ही उसकी गला दबाकर हत्या कर दी और शव तूड़े में दबा दिया। आशंका यह भी जताई जा रही है कि मासूम के साथ हत्या से पहले गलत काम भी किया गया हो।
शुक्रवार को पोस्टमार्टम के बाद ही इसका खुलासा हो सकेगा। शव को पीजीआई के पोस्टमार्टम हाउस में रखवाया गया है। बता दें कि गौरव गांव के दलित परिवार का सबसे छोटा बेटा था। उसके पिता गुलाब सिंह गांव में जूते बनाने का काम करते हैं और गौरव उनका चौथा बेटा था।
मासूम मंगलवार को घर के बाहर खेलते-खेलते लापता हो गया था। बुधवार को ग्रामीणों ने सुनारिया रोड पर जाम भी लगाया था और गौरव को तलाशने के लिए पुलिस को बृहस्पतिवार शाम 4 बजे तक का अल्टीमेटम दिया था।
यूं मिला गौरव का शव
डीएसपी सुखबीर फौगाट ने बताया कि बच्चे के पिता ने गांव के जिस व्यक्ति पर अपहरण का शक जताया था, उसे बुधवार को हिरासत में लेकर पूछताछ की गई। लेकिन कुछ हासिल नहीं हुआ। परिजनों ने लिखित में देकर उसके खिलाफ शिकायत वापस ले ली थी और उक्त व्यक्ति को छोड़ दिया गया था।
बुधवार दोपहर से लेकर बृहस्पतिवार शाम तक पुलिस टीम लगातार सर्च अभियान में लगी थी। सर्च अभियान के दौरान शाम 4 बजे के आसपास पुलिस गौरव के घर के पीछे रणधीर सिंह के प्लाट पर पहुंची। यहां तूड़ा रखने के लिए बनाए गए एक कमरे से एकाएक तेज दुर्गंध आई तो सब चौंक गए। तूड़े में तलाश शुरू की गई तो एक बोरी में बच्चे का शव नजर आया।
बोरी में बांधकर नीचे दबाया गया था शव
पुलिस ने बताया कि हत्यारे ने गौरव की हत्या करने के बाद उसका शव एक बोरी मे बांध दिया। किसी को शक न हो, इसके बाद बोरी को प्लाट में बने तूड़े के कमरे में दबा दिया। ग्रामीणों का कहना है कि शव में से बहुत तेज बदबू आ रही थी। इससे अंदेशा है कि बच्चे की हत्या अपहरण वाले दिन दो फरवरी को ही कर दी गई थी। फारेंसिक एक्सपर्ट की टीम को भी मौके पर बुलाया गया।
मां का बुरा हाल, गांव में मातम
मृतक की मां सुमन का रो-रोकर बुरा हाल है। शव मिलते ही पूरा गांव प्लाट में पहुंच गया। जैसे ही परिजनों की शव पर नजर पड़ी तो मां-बाप दहाडे़ मार कर रोने लगे। ग्रामीणों ने जैसे तैसे उन्हें संभाला और सुमन को घर भेजा। पूरे गांव में मातम पसरा रहा।
इन सवालों के जवाब पुलिस के पास भी नहीं
- बच्चे का पहले अपहरण और फिर हत्या क्यों की गई?
- कहीं आपसी रंजिश और गलत काम करने के लिए तो हत्या नहीं की गई?
- ग्रामीणों का कहना है कि गुलाब बहुत ही सीधा व्यक्ति है और किसी से उसकी दुश्मनी नहीं है। ऐसे में गुलाब की किसी से क्या रंजिश हो सकती है?
हत्या के बाद शव को बोरी में बांधकर क्यों छिपाया गया? क्या किसी नजदीकी का हाथ तो नहीं?