कोरोना संक्रमण काल में लॉकडाउन के दौरान किस्त जमा न होने के बाद फाइनेंस कंपनी कार ले गई। इससे परेशान जींद के युवक ने मामा के घर रोहतक के गांव इंद्रगढ़ में जहरीला पदार्थ खाकर जान दे दी। सोमवार को लाखनमाजरा थाना पुलिस ने पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंप दिया। साथ ही जींद स्थित कंपनी के ब्रांच मैनेजर के खिलाफ आत्महत्या के लिए मजबूर करने का केस दर्ज किया है।
पुलिस के मुताबिक जींद के नरवाना रोड स्थित शीतलपुरी कॉलोनी निवासी दिग्विजय ने दी शिकायत में बताया कि वे दो भाई हैं। दोनों शादीशुदा हैं। उसके बड़े भाई विक्रम (38) ने 2019 में एक कार खरीदी थी, जिसे जींद की एक कंपनी से फाइनेंस करवाया था। कोरोना संक्रमण के दौरान वह समय पर किस्त जमा नहीं करवा सका। कंपनी फोन करके व एजेंट भेजकर उसे परेशान करने लगी।
साथ ही कार भी ले गए। रविवार को परेशान विक्रम मामा के घर इंद्रगढ़ निवासी सतीश के पास आया। वहां पर उसने जहरीला पदार्थ खा लिया। तबीयत बिगड़ती देखकर परिजन उसे खानपुर मेडिकल कॉलेज ले गए, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।
मामले की सूचना पाकर लाखनमाजरा थाने से एसआई राजेश कुमार खानपुर मेडिकल कॉलेज पहुंचे और पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों के हवाले कर दिया। साथ ही मृतक के भाई के बयान पर फाइनेंस कंपनी के ब्रांच मैनेजर व अन्य के खिलाफ केस दर्ज कर लिया है। जांच अधिकारी का कहना है कि मामले की गहराई से जांच पड़ताल कर रहे हैं। कार के फाइनेंस से जुड़े कागजात मंगवाए गए हैं। पूरे रिकॉर्ड की छानबीन कर आगे की कार्रवाई की जाएगी।