एक छात्रा से गैंगरेप मामले में अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश सोनिका गोयल की अदालत ने दो युवकों को 20-20 साल की सजा सुनाई है। कोर्ट ने दोषियों पर अर्थदंड भी लगाया गया है। जुर्माना नहीं भरने पर दोषियों को अतिरिक्त सजा काटनी पड़ेगी। वहीं, आरोपी पक्ष ने हाईकोर्ट में अपील करने की बात कही है।
एक गांव की आठवीं कक्षा की छात्रा 19 अप्रैल 2014 की शाम शौच के लिए जा रही थी। इसी दौरान नरेश और अमित ने छात्रा को रास्ते में पकड़ लिया। दोनों उसे नरेश के घर ले गए, जहां उस समय कोई मौजूद नहीं था। यहां दोनों ने छात्रा के साथ दुष्कर्म किया और मुंह खोलने पर जान से मारने की धमकी दी। छात्रा काफी देर तक घर नहीं पहुंची तो परिजन उसकी तलाश करने लगे।
वह नरेश के घर के पास पहुंचे तो छात्रा की रोने की आवाज सुनाई दी। परिजनों ने घर के अंदर जाकर देखा तो छात्रा लहूलुहान पड़ी थी। परिजन छात्रा को घर लेकर गए तो उसने परिजनों को मामला बताया। इसके बाद परिजनों के साथ छात्रा थाने पहुंची और पुलिस ने मेडिकल जांच कराने के बाद 20 अप्रैल को मुकदमा दर्ज कर लिया। पुलिस ने मामले में दोनों आरोपियों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की, जिस पर मंगलवार को सजा सुनाई गई।
इस तरह हुई अलग-अलग मामलों में सजा
अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश सोनिका गोयल की कोर्ट ने दोनों पक्षों की ओर से पेश किए गए गवाहों और सबूतों के आधार पर दोनों युवकों को दोषी पाया। मामले में धारा 376डी के तहत 20-20 साल की कैद, धारा 342 में सात साल की कैद और एक हजार रुपये अर्थदंड लगाया गया है। अर्थदंड नहीं देने पर एक महीने की अतिरिक्त सजा काटनी होगी। धारा 506 में दो साल की कैद और एक हजार रुपये का अर्थदंड लगाया गया है। जुर्माना नहीं देने पर एक महीने की अतिरिक्त सजा काटनी होगी।
पीड़िता मानसिक रूप से हुई थी हताहत
दो साल पहले अपने साथ हुई हैवानियत से छात्रा को काफी मानसिक आघात लगा था। वह एक तरह से सदमे में चली गई थी। इस वजह से उसे कई दिनों तक अस्पताल में भर्ती रहना पड़ा था। मानसिक रूप से टूटने के बावजूद उसने हार नहीं मानी और आरोपियों को सजा दिलाने की ठानी।